सास-बहु ने नेत्रदान कर दिया दूसरों की जिंदगी में प्रकाश भरने का संदेश
आपकीअंतिम दृष्टि किसी की प्रथम दृष्टि के नारे को जैन चौक की सास बहु ने सार्थक मानते हुए नेत्रदान किया है। सास के स्वर्गवास के एक दिन बाद ही बहु भी स्वर्ग सिधार गई और सास की तरह अपनी आंखें दान कर गई। अब सास बहु की आंखें किसी नेत्रहीन व्यक्तियों का अंधियारा दूर करेगी। जैन चौक निवासी 95 वर्षीय नंदरानी का आठ फरवरी को देहांत हो गया था। उनके परिजनों ने नंदरानी की मृत्युपरांत उनके नेत्रों का दान करके समाज के सामने एक मिसाल पेश की।
आप और हम नेत्रदान सेवा समिति के सहयोगी मदनलाल पसरीजा ने बताया कि नंदरानी समाज एवं परिवार के लिए नेत्रदान करके एक नेक कार्य रूपी आइना दिखा कर गई। पसरीजा ने बताया कि नौ फरवरी को इसी परिवार की बहु 63 वर्षीय राजरानी का स्वास्थ्य ठीक होने के कारण देहांत हो गया। परिवार के सदस्यों ने बुजुर्गों के मार्गदर्शन पर चलते हुए राजरानी के पुत्र हरीश गुलशन ग्रोवर ने राजकीय किशनलाल जालान अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. अनिल चौधरी सहायक टीम को बुलाकर अपनी माता के नेत्रदान करवाए। डाॅ. अनिल चौधरी ने कहा कि जैसे बड़े बुजुर्ग जो पुण्य का कार्य करते हैं छोटे भी उनके पद चिन्हों पर चलते हुए पुण्य का कार्य करने चाहिए उन्होंने कहा कि सास बहु समाज को नेत्रदान का एक अनूठा संदेश देकर गई हैं। इस अवसर पर मार्गदर्शन प्रेरणा स्त्रोत डाॅ. चंद्र गोसाई, मुनीष, विक्की ग्रोवर, रिंकू, हरीश गुलशन ग्रोवर तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
नेत्रदानी राजरानी।
नेत्रदानदानी नंदरानी।