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जिप चेयरमैनी के लिए जोर आजमाइश, वेट एंड वाच में भाजपा

5 वर्ष पहले
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जिलापरिषद शपथ ग्रहण के बाद चेयरमैनी के लिए चल रही कशमकश अब तेज हो गई है। इस समय जिले में पांच जिला पार्षद खुद की चेयरमैनी के लिए लॉबिंग करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि भाजपा, इनेलो कांग्रेस वेट एंड वाच की स्थिति अपनाए हुए हैं।

जिले के 30 पार्षदों में भाजपा के 14, इनेलो के 8, कांग्रेस के 7, तो 1 पार्षद कम्युनिस्ट है। हालांकि परिणाम जारी होते ही चेयरमैन पद के लिए दौड़ धूप शुरू हो गई थी, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के बाद यह और तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी दिन-रात एक किए हुए हैं। वर्तमान में भाजपा नेता 20 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यालय पर सक्रिय कई नेता जहां एक उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं, तो कुछ अन्य नेता दूसरे उम्मीदवार के नाम के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इन सबके बीच इनेलो कांग्रेस से संबंधित पार्षद भी चेयरमैनी की डगर पर है। इस लड़ाई में अब पर्दे की पीछे की राजनीति करने वाले भी अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय हो गए हैं। पार्टी अनुसार देखें तो इस समय भाजपा में अधिक खींचतान बनी हुई है। 14 सदस्यों वाली भाजपा (हालांकि सदस्यता संख्या बढ़ सकती है) में तीन पार्षद दावेदारी जता रहे हैं। इनमें रमेश ओला डॉ. किरण कलकल में संघर्ष बना हुआ है। दोनों ही अपनी-अपनी जीत निश्चित मान कर चल रहे हैं। रमेश ओला जहां आर्थिक रूप से मजबूत हैं तो किरण कलकल पार्टी की प्रदेश पदाधिकारी के साथ-साथ फिल्म सेंसर बोर्ड की सदस्या भी हैं। रमेश ओला ने तो यहां तक कह दिया है कि उन्हें 22 पार्षदों का समर्थन प्राप्त है, जबकि डॉ. कलकल का कहना है कि उनके साथ पार्षद भी हैं तथा पार्टी भी। वे समय आने पर अपने पत्ते खोलेंगी। जिला पार्षद मीना शर्मा भी एक कैबिनेट मंत्री के बलबूते अपनी दावेदारी जता रही है। इन सब के बावजूद पार्टी आलाकमान वेट एंड वाच की स्थिति में बनी हुई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी चाहती है कि जिला अध्यक्ष की तरह चेयरमैन पद के लिए भी सर्वसम्मति बने। ऐसे में पार्टी नेता सीधे रूप से किसी भी प्रत्याशी को समर्थन देते नहीं दिखाई दे रहे हैं। एक कैबिनेट मंत्री तो कह भी चुके हैं कि पार्टी उस प्रत्याशी को अपना समर्थन देगी जिसमें कमल खिलाने की क्षमता होगी। इससे तय है कि पार्टी हाइकमान ही चेयरमैन पद के लिए नाम फाइनल करेगा।

यह बात अलग है कि पार्टी के संभावित प्रत्याशी पार्षदों के साथ साथ अपने-अपने आकाओं के चक्कर काट रहे हैं। लोगों की मानें तो चर्चाएं ये भी हैं कि अपने पक्ष के दो-दो, चार-चार जिला पार्षदों को एक साथ मंत्री से मिलवाया भी जा रहा है। गत दिनों विश्राम गृह में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ घनश्याम सर्राफ की उपस्थित में 22 पार्षद एक मंच पर गए थे, जिनमें कांग्रेस इनेलो के पार्षद भी थे। इनमें से कांग्रेस इनेलो समर्थित कुछ पार्षदों ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है।

इनेलो खेमे के पार्षदों को पार्टी के इशारे का इंतजार

उधर,इनेलो खेमे से जिला पार्षद पार्टी के इशारे का इंतजार कर रहे हैं और अंदर खाते ही अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस से एडवोकेट राजबाला श्योराण भी चेयरमैनी की दौड़ में बनी हुई है। उनका दावा है कि उनके साथ चार पार्षद हैं और वे चेयरमैनी पद के लिए पिछले दिनों भाजपा मंत्री के साथ भी दिखाई दी थी। अब देखना यह है कि चेयरमैनी पद के लिए भाजपा की सर्वसम्मति बनती है या फिर पार्षदों का आपसी संघर्ष, लेकिन इतना जरूर है कि संभावित प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

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