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कानूनी अड़चनों में उलझा महिला महाविद्यालय का भवन निर्माण
लोहारू में शहीद भगतसिंह चौक के समीप किराए की धर्मशाला में चल रहे महिला महाविद्यालय के नए भवन को बनवाने का मामला लगातार लटकता जा रहा है। अगस्त 2014 में तत्कालीन सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा लोहारू में महिला महाविद्यालय के लिए पौने 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसके बाद से महाविद्यालय कहां बनाया जाए इस पर कशमकश जारी रही तथा इसकी तस्वीर सात महीने बीतने के बाद भी साफ नहीं हो पा रही। इसी मामले में शुक्रवार को लोहारू में महिला महाविद्यालय को किले के स्थान पर बनाने के लिए डेयरी डेवलपमेंट एवं कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ इसके लिए पशुपालन विभाग की जमीन देने की मंच से घोषणा तो कर दी। मगर इसमें अड़चनों के चलते यह मामला सिरे चढ़ने के आसार कम नजर रहे हैं।
महिला महाविद्यालय के नए भवन को बनाने के लिए पूर्व कांग्रेसी विधायक सोमवीर सिंह के माध्मय से यह मांग तत्कालीन सीएम हुड्डा के सामने उठाई थी। अगस्त में इसके निर्माण के लिए 12 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि मंजूर कर दी गई। इसके साथ ही महाविद्यालय का भवन लोहारू में सदियों पुराने नवाबी किले की जमीन पर बनाया जाए या देवीलाल खेल स्टेडियम में खाली पड़ी जगह पर बने इसके लिए कशमकश का दौर चलता रहा। बाद में महाविद्यालय को नवाबी किले में बनाने का प्रस्ताव महाविद्यालय की ओर से सरकार को भिजवाया गया।
इसके साथ ही नए महाविद्यालय के भवन के निर्माण के लिए पुरानी दीवारों को तोड़ने के लिए पुरातत्व विभाग से मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया। परन्तु इस बारे कोई स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण यह कार्य अधर में लटक रहा है। गत दिवस महाविद्यालय में बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शिरकत करने आए केबिनेट मंत्री धनखड़ ने कहा कि पशुपालन विभाग इस जमीन का मालिक है। इस जगह पर भवन निर्माण के लिए जो भी बाधाएं होंगी उनको दूर कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
राजस्वविभाग की गड़बड़ी भी है प्रमुख समस्या
लोहारूका राजस्व रिकार्ड पूरी तरह से गलत है तथा इसके कारण ही नवाबी किले की जमीन की उचित पैमाइश नहीं हो पा रही। किले की जमीन चारों ओर से वक्फ बोर्ड, नगरपालिका और निजी मालिकों की जमीन से घिरी हुई है। लोहारू का नवाबी समय के बाद से ही राजस्व रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने के कारण जमीनें विवादित हैं इस कारण महाविद्यालय के भवन में निर्माण में यह एक बड़ी बाधा बन रहा है। लोहारू मे पूर्व सीएम स्वर्गीय बंसीलाल द्वारा 1986 में राजकीय महाविद्यालय की नींव रखी थी। इसके बाद से महाविद्यालय में कॉमन शिक्षा दी जाती रही।
करीबन 11 साल पहले लोहारू में इनेलो सरकार के शासनकाल में लोहारू में लड़कियों के लिए अलग कॉलेज की मांग उठी तो आनन फानन में लोहारू की खजांची धर्मशाला को किराए पर लेकर इसमें महिला विंग की कक्षाएं शुरू कर दी गई। तीन कमरों में करीबन 11 सौ लड़कियों को यहां पर शिक्षा दी जा रही है। इसको लेकर लोहारू में जगहों का सर्वे उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कराया गया था। इनमें महिला महाविद्यालय के भवन के लिए लोहारू के ऐतिहासिक किले में खाली पड़ी करीबन सात एकड़ जमीन, बंसीलाल राजकीय महाविद्यालय के सामने बने खेल स्टेडियम के साथ लगती महाविद्यालय की जमीन तथा भिवानी मार्ग पर पैट्रोल पंप के साथ लगती भूमि का सर्वे किया गया था। इसके लिए 12 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की जा चुकी है।
पशुपालन विभाग की जमीन देने की घोषणा के बाद भी काम नहीं चढ़ा सिरे