नारी तू नारायणी: बीके उर्मिला
भिवानी | प्रजापिताब्रह्माकुमारी के सौजन्य से रविवार को महिला जागरूक कार्यक्रम किया गया। इसमें माउंट आबू से आई राजयोगिनी बीके उर्मिला बहन ने कहा कि महिलाओं को आज अधिकतर लोग अबला क्यों समझने लगे हैं। अलबत्ता इस प्रकार की बात करने वालों को ये समझ लेना चाहिए कि मुझे जन्म देने वाली, मुझे दुलार करने वाली, मुझे राखी बांधने वाली भी एक महिला है। उसको हम घिनौनी दृष्टि से देखते हैं। नारी नर्क का द्वार नहीं, बल्कि स्वर्ग का द्वार खोलने की चाबी है। पूजनीय वंदनीय है नारी, देवी सरस्वती है नारी। जहां नारी का सत्कार होता है, वहीं पर देवता वास करते हैं। इस अवसर पर बीके कोकिला बहन ने कहा कि नारी के बगैर सब सूना है।