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साढ़े 10 एकड़ में बनेगा ठोस कूड़ा प्रबंधन प्लांट

7 वर्ष पहले
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अगरनगर परिषद की योजना सिरे चढ़ी तो शहरवासियों को शीघ्र ही कूड़े कचरे से मुक्ति मिलने वाली है। इसके लिए शहर के दादरी रोड पर साढ़े 10 एकड़ जमीन पर नप ने ठोस कूड़ा प्रबंधन प्लांट लगाने का प्रपोजल तैयार कर उसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ठेकेदार के माध्यम से नप शहर के हर घर से मुफ्त में कूड़ा उठवाएगी।

इस समय नगर परिषद में शहर की सफाई के लिए लगभग 350 सफाई कर्मचारी हैं। वे शहर के मुख्य स्थानों पर ही झाड़ू आदि लगाकर कूड़े को ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर शहर के दादरी रोड पर ही डाल रहे हैं। मगर, शहर के अंदरूनी हिस्सों के अलावा कुछ जगह ऐसी भी हैं, जहां इस समय कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा दादरी रोड पर भी नप द्वारा डाले गए कूड़े के ढेर की वजह से लोगों को वहां से गुजरते समय दिक्कत होती है।

नपने किया खाका तैयार

इसीबात को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने शहर में ठोस कूड़ा प्रबंधन प्लांट लगाने पर विचार कर अपना प्रपोजल तैयार किया। इसके तहत नप अधिकारियों ने दादरी रोड पर ही अपनी साढ़े 10 एकड़ जमीन पर यह प्लांट लगाने का खाका तैयार किया है। नप सूत्रों की मानें तो इस प्लांट को तैयार करने में नप को 40 से 50 करोड़ रुपयों की जरूरत है। मगर, नगर परिषद के पास इतना बजट नहीं है, इसलिए बजट की स्वीकृति की मांग केंद्र सरकार के पास भेजी है।

प्लांट में कचरे से बनेगी जैविक और देसी खाद

केंद्रसरकार से नप के इस प्रपोजल पर स्वीकृति मिलने के बाद नप अपनी जमीन पर इस प्लांट को बनाकर ठेकेदार को सौंप देगी। इसके बाद ठेकेदार के आदमी रोजाना शहर के हर घर से कूड़े कचरे को उठाकर प्लांट तक पहुंचाएंगे। प्लांट में इस कूड़े-कचरे को गला कर या जलाकर उसे जैविक और देसी खाद तैयार की जाएगी।

ठेकेदार और नप को यह होगा फायदा

नपके इस काम से नप और ठेकेदार दोनों को ही फायदा होगा। इस प्लांट के चालू होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नहीं लगेंगे। नप वर्तमान में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों से ही शहर को रोजाना साफ-सुथरा रख पाएगी। इन सफाई कर्मियों द्वारा उठाए गए कूड़े को भी ठेकेदार के आदमी अपने ट्रैक्टरों में भरकर प्लांट तक ले जाएंगे। इससे शहर को साफ-सुथरा रखने में नप को अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। दूसरी ओर इस कूड़े कचरे से जो जैविक और देसी खाद बनेगी उसे बेचने से ठेकेदार