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ब्याह म्हैं बी ना जा सकैंंगे कंडीडेट

7 वर्ष पहले
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भिवानी | अगरकोई प्रत्याशी किसी विवाह और अन्य सार्वजनिक समारोह में जाएगा तो उसका खर्च उस प्रत्याशी के खाते में डाला जाएगा। यह बात विधानसभा चुनाव के लिए भिवानी जिले में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक मुकेश कटारिया ने कही। उन्होंने कहा कि सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में वीडियो सर्विलांस टीम और फ्लाइंग स्क्वैड उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवार अपने खर्च रजिस्टर को नियमित रूप से भरें।

कटारिया ने गुरुवार को लघु सचिवालय परिसर में मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी के कक्ष का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर सीटीएम जगदीप सिंह भी उनके साथ थे। चुनाव खर्च के ऑब्जर्वर मुकेश कटारिया ने कहा कि कोई भी प्रत्याशी या उसके समर्थक चुनाव प्रचार के दौरान 50 हजार रुपये से अधिक नगदी 10 से अधिक पोस्टर लेकर नहीं चल सकते। यदि उन्हें निर्धारित धन राशि से अधिक राशि अथवा पोस्टर लेकर चलने हैं तो उसके लिए निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अखबारों में डालकर बंटवाए गए पोस्टरों को भी उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। समाचार पत्रों टीवी चैनलों पर पेड न्यूज तथा विज्ञापनों को भी उम्मीदवार या उसकी पार्टी के चुनावी खर्च में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यदि चुनाव प्रचार के समय किसी पार्टी के स्टार प्रचारक जनसभा या रोड शो में अपने दल के एक या एक से अधिक उम्मीदवारों का नाम लेते हैं तो उस आयोजन का खर्च उम्मीदवारों के खाते में जाएगा। कटारिया ने कहा कि वह दादरी, बाढड़ा, लोहारू, तोशाम भिवानी विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने स्वयं उम्मीदवारों द्वारा चुनाव प्रचार पर किए जा रहे खर्चों का अवलोकन किया है। हर विधानसभा क्षेत्र की चुनाव खर्च कमेटी वीएसटी फ्लाइंग स्कवाड की रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवारों का लेखा-जोखा रख रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए कोई भी संसाधनों के इस्तेमाल रैली आदि करने से पहले उसकी निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लो।

विधानसभा चुनाव के लिए भिवानी जिले में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए गए व्यय पर्यवेक्षक मुकेश कटारिया लघु सचिवालय परिसर में मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मोनिटरिंंग कमेटी के कक्ष का अवलोकन करते हुए।