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प्रेम विवाह कर ससुराल पहुंची विवाहिता पर हमले का प्रयास
अपनेप्रेमी के साथ प्रेम विवाह कर पालुवास स्थित अपनी ससुराल पहुंची एक युवती पर उसके मामा पक्ष के लोगों ने सोमवार सुबह हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान गांव की अन्य महिलाओं ने उसे किसी तरह हमलावरों से बचाया। इस भय के मारे नवविवाहित प्रेमी युगल सोमवार शाम अज्ञात स्थान पर चला गया।
पालुवास निवासी प्रदीप सात साल पहले अपने ही गांव की भांजी और राजस्थान के गंगानगर निवासी रूपा से उस समय मिला था, जब वह अपने मामा के घर किसी समारोह में आई थी। इसी दौरान उन दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए तो उनकी आपस में बातें होने लगी। इसके बाद उन दोनों की बातें प्यार में बदल गई। इस मामले में प्रदीप की माने तो इसी दौरान उसकी दोस्ती रूपा के मामा के बेटों से हो गई। इस पर वह उनके साथ कभी कभार उनके साथ गंगानगर जाकर भी रूपा के दीदार कर आता था। दूसरी ओर रूपा के परिवार वालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इसी कारण एक नवंबर को उन्होंने अपने घरों से भागकर शादी करने का फैसला लिया। तब वह अपने घरवालों को यह कहकर गया था कि वह दिल्ली में रह रही अपनी मौसी के पास जा रहा है। इसके बाद उन दोनों ने पांच नवंबर को गाजियाबाद जाकर आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।
प्रदीप के परिजनों को जब उसके बारे में जानकारी नहीं मिली और उसका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। मगर जब उसका कहीं सुराग नहीं मिला तो वे पुलिस को सूचना देने रहे थे। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि प्रदीप और रूपा मिलकर भाग गए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए रूपा के परिजन उसे तलाशते हुए पालुवास गए थे। मगर जब वे यहां नहीं मिले तो वापस चले गए।
दूसरी ओर प्रदीप और रूपा शादी के पांच सात दिन बाद भिवानी आए। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने रूपा को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर उसके बयान कराए। वहां रूपा ने अपने परिजनों के बजाय प्रदीप के साथ जाने के लिए कहा। उसने बयान दिया कि वह प्रदीप के साथ शादीशुदा है और अब उसी के साथ रहना चाहती है। इस पर प्रदीप रूपा को अपने साथ ले गया। वह तब से रविवार शाम तक किसी अज्ञात स्थान पर रूपा के साथ रह रहा था। रविवार शाम प्रदीप ने रूपा को अपने घर भेज दिया। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार सुबह रूपा के मामा के लड़कों ने उस पर हमला करने का प्रयास किया था।
फिर नहीं पहुंचे थाने
हमलावरों से बचने के बाद प्रदीप