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डॉक्टर कोनी तै अस्पताल क्यू खोल्ले सैं

7 वर्ष पहले
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(कमरा नंबर छह में नेत्र विभाग में खाली डॉक्टर रूम।)
भिवानी। थारेपै डॉक्टर कोनी तो फेर अस्पताल क्यूं खोल राख्यै सैं, इनकैं बी ताला क्यूं ना लगा दयौ। ये बात उन मरीजों के मुंह से निकल रही है, जो सोमवार को ओपीडी खुलने के वक्त सुबह नौ बजे अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर बैठे थे। लेकिन दोपहर तक कोई भी डॉक्टर उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। भिवानी जिला में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सबसे अधिक जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं के हालात बिगड़े हुए हैं। सोमवार को चार घंटे तक ओपीडी में तीन चिकित्सकों की कुर्सी खाली पड़ी रही, जबकि इन चिकित्सकों से जांच कराने के लिए सैकड़ों मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
जिला सामान्य अस्पताल के ओपीडी विभाग के कमरा नंबर 20 के बाहर सोमवार सुबह 9 बजे से मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन पौने 11 बजे तक कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा था। थोड़ी देर बाद एक स्टाफ नर्स वहां आई। उसने बताया कि डॉक्टर धनखड़ तो लोहारू कोर्ट में गवाही के लिए गए हुए हैं और दोपहर 12 बजे तक यहां पहुंचेंगे।
इसी कक्ष के बाहर डॉक्टर का इंतजार कर रहे गांव चांग निवासी बुजुर्ग बनारसीदास से रहा नहीं गया और उसने कहा कि थारे पै डॉक्टर कौनी तो फेर अस्पताल क्यू खोल राख्यै सैं, इनकैं बी ताला क्यूं ना लगा दयौ। ओपीडी के कमरा नंबर 20 के बाहर करीब 55 से 60 मरीजों की पर्चियां हाथ में लिए खड़ा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामनिवास ने बताया कि उसकी ड्यूटी यहां नहीं है, लेकिन मरीजों की भीड़ को शांत करने के लिए उसे यहां भेजा गया है।
डॉक्टर के इंतजार में खड़े दादरी के मोहन, संदीप, बैंक कॉलोनी के अरूण कुमार, धारेडू के महेंद्र, उत्तम नगर के सुभाष तंवर विद्या नगर की बबीता ने बताया कि उन्हें यहां खड़े ढाई से तीन घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं पहुंचा है। यही हाल ओपीडी के कमरा नंबर 6 के बाहर देखने मिल यहां पर भी नेत्र चिकित्सक नहीं था। पौने 11 बज चुके थे और बाहर मरीजों का सब्र जवाब दे रहा था। उमेश कुमार, बापोड़ा की रोशनी भरथो देवी ने बताया कि सुबह नौ बजे पर्ची लगवाई थी, लेकिन ढाई घंटे बाद भी कोई देखने नहीं आया।

शिशु लिए महिलाएं लाइन में : मेडिसन कक्ष के बाहर भी मरीजों की भीड़ जुटी थी। बाहर खड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने साढ़े 10 बजे बताया कि अभी डॉक्टर साहब आने वाले हैं। अभी तक 50 से अधिक पर्चियां बाहर खड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हाथों में पहुंच चुकी थी।सोमवार दोपहर साढ़े 10 बजे बच्चों को गोद में संभाले हुए महिलाएं शिशु रोग चिकित्सक की कुर्सी के पास डॉक्टर के आने का इंतजार कर रही थी। बाहर खड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर साहब अभी वार्ड की तरफ गए हैं। वे तीस मरीजों की जांच कर चुके हैं, जबकि 40 से अधिक मरीज देखने बाकी है।

कोई छुट्‌टी पर तो कोई कोर्ट में : पीएमओ श्रीराम सिवाच ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ एसएस धनखड़ लोहारू कोर्ट में एविडेंस पर गए हुए हैं, जो दोपहर तक यहां पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरे चिकित्सक मनीष श्योराण ओटी में हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ राज महता नरेश गर्ग छुट्टी पर हैं। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही चिकित्सक यहां पहुंच मरीजों की जांच शुरू कर देंगे।

हालात देखने पहुंचे पीएमओ सिवाच: सोमवार दोपहर को 10 बजकर 40 मिनट पर जब पीएमओ श्रीराम सिवाच को ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने के बारे में पता चला तो वे यहां के हालात देखने पहुंच गए। उन्होंने एक एक कक्ष में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिन कमरों में डॉक्टर नहीं थे, उनके बाहर खड़े मरीजों को वेटिंग हाल में बैठने के लिए कहा।

ओपीडी में चार घंटे तक तीन डॉक्टरों की कुर्सियां खाली रहीं
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