पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पुलिस ने शिकायत करने वाले को लॉकअप में नंगा कर डंडों से पीटा

पुलिस ने शिकायत करने वाले को लॉकअप में नंगा कर डंडों से पीटा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सेवासुरक्षा और सहयोग का दम भरने वाली पुलिस का एक चेहरा यह भी है कि शिकायतकर्ता को ही नंगा कर उसे लॉकअप में बंद किया और फिर डंडे से उसकी खूब धुनाई की। पुलिस प्रताड़ना का शिकार हुआ युवक जिला सामान्य अस्पताल के वार्ड नंबर पांच में दाखिल है, लेकिन पुलिस की बर्बरता के शिकार युवक के बयान तक नहीं लिए गए।

कस्बा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव रामूपुरा बलियाली निवासी राकेश ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी करता है। गत 8 दिसंबर को उनका पड़ोस के ही एक व्यक्ति से झगड़ा हो गया था। दोनों ही पक्षों ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी थी। राकेश ने बताया कि 8 दिसंबर की दोपहर 12 बजे वह बवानीखेड़ा थाने से अपनी शिकायत देकर बाहर निकल आया था। लेकिन मात्र दस मिनट बाद ही उसके फोन पर थाने से एक हवलदार ने उसे यह कहकर वापस बुला लिया कि शिकायत पर उसके हस्ताक्षर नहीं हैं। उसका आरोप है कि जब वह थाने पहुंचा तो जबरन उसे कपड़े उतारने के लिए कहा गया। उसके सभी कपड़े उतरवाकर लॉकअप में बंद कर दिया और फिर एक हवलदार ने लॉकअप के अंदर घुसकर उसे डंडे से खूब पीटा।

राकेश का आरोप है कि पुलिस ने वहीं पर दूसरे पक्ष को भी बुला लिया और उस पर जबरन समझौते का दबाव बनाया गया। उसने पुलिस से गुहार लगाई कि वे गांव में जाकर समझौता कर लेंगे, लेकिन पुलिस वालों ने उसकी एक नहीं सुनी। परिजनों ने जब गांव के सरपंच को इस संबंध में बताया तो सरपंच ने थाने में फोन मिलाया। सरपंच के अनुरोध पर पुलिस ने राकेश को अपनी कैद से आजाद किया। पुलिसिया मार झेल चुका राकेश सीधा अस्पताल पहुंच गया। जिला सामान्य अस्पताल में राकेश को प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे वार्ड नंबर पांच में दाखिल कर लिया। उसने एमएलआर भी कटाई है, लेकिन पुलिस उसके बयान दर्ज करने भी नहीं पहुंची।

भिवानी. सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाने वाला रामुपुरा बलियाली निवासी राकेश।

बवानीखेड़ा पुलिस थाना के प्रभारी अजीत सिंह कादियान ने बताया कि थाने में किसी के साथ भी कोई मारपीट नहीं की गई है। अगर, उनके पास किसी का रुक्का आएगा तो इस संबंध में बयान दर्ज करने पुलिस अस्पताल जाएगी। फिलहाल उनके संज्ञान में इस तरह का कोई मामला नहीं है।