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राशन डिपो पर गीला गोबर मिला गेहूं बांटने पर हंगामा

7 वर्ष पहले
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(दिनोद गेट चौक के निकट राशन डिपो में रखा खराब गेहूं।)
भिवानी। राशन की सरकारी दुकान और एक राशन डिपो पर गोबर मिला और खराब गेहूं की सप्लाई होने पर बुधवार को शहर में दो जगहों पर लोगों ने हंगामा किया। इनमें से सरकारी दुकान पर जहां स्टोर कीपर के बजाय अन्य लोग गेहूं वितरण का काम कर रहे थे तो राशन डिपो पर आए खराब गेहूं को लोगों ने लेने से ही इनकार कर दिया। लोगों ने इस दौरान खराब गेहूं को देखकर उसे लेने से इनकार कर दिया। उनके इस तरह के विरोध को देखते हुए डीएफएससी ने जिन जगहों पर खराब गेहूं की सप्लाई हुई है वहां गेहूं के नए कट्टे भेजने के आदेश जारी किए हैं।
हुआ यूं कि बुधवार सुबह से ही शहर की सभी राशन की सरकारी दुकानों और डिपो पर गेहूं वितरण का काम शुरू किया गया था। जब दिनोद गेट क्षेत्र के लोग डिपो पर राशन लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उन्हें दिया जाने वाला गेहूं खाने लायक नहीं है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए यह गेहूं को लेने से इनकार कर दिया। इस पर डिपो होल्डर ने लोगों से कहा कि उसके पास प्रशासन की ओर से यही गेहूं आया है। इसलिए, जिसे यह गेहूं लेना है ले जाए, जिसे नहीं लेना वे अपने घर चले जाएं। इस पर अधिकतर लोग वहां से प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए वापस घर गए।

यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि आदर्श धर्मशाला के सामने राशन की सरकारी दुकान पर भी गरीबों को बंट ने के लिए आए खराब गेहूं को देख लोगों ने यहां भी हंगामा कर दिया। यहां की खास बात यह थी कि इस दुकान के लिए प्रशासन ने जिस स्टोर कीपर को गेहूं वितरण के लिए नियुक्त किया हुआ है, वह खुद ही यहां नहीं था। उसकी जगह अन्य व्यक्ति लोगों के राशन कार्ड लेकर गेहूं वितरण का काम कर रहे थे।

इस बात की जानकारी मिलने पर भास्कर टीम मौके पर पहुंची। इस पर लोगों ने इस दुकान के गोदाम में रखे गोबर मिले गेहूं को दिखाते हुए कहा कि बताओ वे इस गेहूं को अपने घर कैसे लेकर जाएं। इनमें शामिल किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र निवासी पिंकी, चिड़ीमार गली निवासी कुसुम, रोशनी और शकुंतला ने बताया कि इससे पहले उन्हें नया बाजार स्थित राशन डिपो से राशन मिलता था। मगर, इसी महीने उन्हें पता चला कि उनका राशन इस बार आदर्श धर्मशाला के सामने सरकारी दुकान से मिलेगा।

इस पर बुधवार सुबह वे यहां राशन लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उन्हें दिया जाने वाला गेहूं घटिया क्वालिटी का है। इस पर उन्होंने इस गेहूं को लेने से विरोध किया तो राशन वितरण करने वालों ने उनसे कहा कि अगर उन्हें गेहूं लेना है तो लें नहीं तो यहां से चले जाएं। इस पर यहां मौजूद महिलाओं और अन्य लोगों ने हंगामा करते हुए गेहूं को लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें नया बाजार से राशन दिया जाता था तो वह ठीक होता था। मगर, पहली बार उन्हें यहां से गेहूं लेने आना पड़ा। यहां मिलने वाला गेहूं तो पशु भी नहीं खा सकते।

करेंगे मामले की जांच:दोनों मामलों में डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि जिन सरकारी दुकानों या डिपो होल्डरों के पास खराब गेहूं वितरित किया है, उसे तुरंत वापस मंगाने के आदेश उन्होंने दे दिए हैं। उन जगहों पर नया गेहूं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि गेहूं में गोबर आदि की मिलावट गेहूं खरीद के समय आढ़तियों और किसानों की मिलीभगत से हुआ होगा। हमारा काम तो गेहूं का भंडारण करने और उसे लोगों में बांटने का ही होता है। रही बात स्टोरकीपर के सरकारी दुकान पर मौजूद नहीं होने की तो इस बारे में वे अपने स्तर पर जांच करेंगे।
अन्य लोग बांट रहे थे राशन:जब भास्कर टीम इस दुकान पर पहुंची तो यहां स्टोर कीपर के बजाय अन्य लोग राशन बांटने का काम कर रहे थे। भास्कर टीम ने उन लोगों से उनका नाम पूछना चाहा तो वे अपना नाम बताने के बजाय वहां से खिसक लिए। इसके कुछ देर बाद स्टोर कीपर इंचार्ज रणबीर सिंह यहां आए। उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे इतने लोगों को तेल बांटें या राशन। इतने लोगों को राशन बांटने और लोगों के राशन कार्ड लेने के लिए अन्य लोगों को मदद के लिए लगाया था। जबकि लोगों का आरोप था कि स्टोर कीपर आराम से इस स्टोर के ऊपर बने कार्यालय में बैठे थे।
- सूचना मिलते ही डीएफएससी ने दिए खराब गेहूं को बदलने के आदेश ।