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सामान्य अस्पताल में िफर लापरवाही गर्भवती की पर्ची-रिपोर्ट ही बदल दी
सामान्यअस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ लापरवाही का रिश्ता काफी गहरा हो गया है। बुधवार को यहां ओपीडी में एक गर्भवती महिला की पर्ची बदली हो गई। उस महिला ने अपने सभी टेस्ट कराने के बाद पर्ची ओपीडी में महिला चिकित्सक से जांच कराने के लिए बाहर बैठे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से दी थी। मगर, दिनभर जब महिला चिकित्सक ओपीडी में नहीं पहुंची तो उसके हाथ में किसी दूसरी महिला की पर्ची थमा दी गई। बाद में उसने पर्ची पर गौर से देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
गांव नांगल निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि उसकी प|ी सुमन को नौ माह पूरे हो चुके हैं और कभी भी डिलीवरी हो सकती है। इसलिए बुधवार को वह सुबह अपना कामधंधा छोड़कर अपनी प|ी बच्चे के साथ जिला सामान्य अस्पताल में आया था। उसने डिलीवरी से पहले अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पर्ची बनवाई थी। इस पर्ची में स्टाफ नर्स ने पहले सभी जरूरी टेस्ट कराने की हिदायतें दे दीं।
इस पर वह पहले 11 नंबर कमरे में खून के नमूनों की जांच कराई फिर कमरा नंबर 17 में महिला चिकित्सक से दिखाने के लिए सुबह करीब साढ़े 10 बजे पर्ची लगाई थी। दोपहर 2 बजे तक भी जब महिला चिकित्सक नहीं आई तो बाहर बैठे चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ने उसकी प|ी की जगह गांव राजगढ़ निवासी सुमन नामक महिला मरीज की पर्ची हाथ में थमा दी। इस पर्ची को देखने के बाद उनका माथ ठनका और फिर वे कर्मचारी से उनकी पर्ची के बारे में पूछने गए तो उसने लापरवाही भरे लहजे में कहा कि पर्ची फिर बनवा लेना। रविंद्र का आरोप है कि इस पर्ची में उसने काफी देर तक गर्भवती प|ी को अस्पताल में इधर-उधर घूमकर जरूरी टेस्ट कराए हुए थे, जिनकी रिपोर्ट भी ओपीडी स्लीप पर दर्ज की गई थी। मगर, कर्मचारी की इस लापरवाही से अब उसे फिर से ये सभी टेस्ट कल फिर कराने होंगे। अगर रात को उसकी प|ी को प्रसव पीड़ा हुई तो उनके नजदीक लगने वाली मानहेरू सीएचसी में भी दाखिल नहीं किया जाएगा। क्योंकि सीएचसी में ले जाने से पहले उसकी प|ी का जीएच में अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी है। रविंद्र ने कर्मचारी की इस लापरवाही की शिकायत पीएमओ कार्यालय में दी है।
350 महिला आती हैं
भीड़ की वजह से हुआ
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में स्त्री रोग विभाग में हर रोज साढ़े तीन सौ महिला रोगी आती हैं। इनमें से अधिकांश गर्भवती होती हैं, जो नियमित जांच के लिए यहां आती हैं।
पीएमओ श्