भीम स्टेडियम में जल्द बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
भीम स्टेडियम के ट्रैक पर सुबह शाम पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें जल्द ही सिंथेटिक ट्रैक मिल जाएगा। इसके लिए शनिवार को खेल महानिदेशक जगदीप सिंह ने डीसी पंकज कुमार से मिलकर सभी प्रकिया को पूरा कर दिया है। इसके लिए अब जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा और उसके बाद निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी जाएगी। इसके अलावा हॉकी के ग्राउंड पर खेलने वाली खिलाड़ियों तथा स्पर्धा के दौरान बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को भी अब खुले में कपड़े नहीं बदलने पड़ेंगे। खेल महानिदेशक ने हॉकी ग्राउंड के पास चेंजिंग रूम बनाने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि जिले के 80 प्रतिशत राजीव गांधी खेल परिसरों को नया रूप तथा कमियों को पूरा करने के लिए बजट पास कर दिया गया है। वे यहां बयां पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले भिवानी पहुंचने पर खेल विभाग के उपनिदेशक छाजू राम गोयत, उप निदेशक आईपीएस लांबा जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी रमेश जांगड़ा ने स्वागत किया।
खेल विभाग के तत्वावधान में ग्रामीण स्तर पर हाेने वाली खेलकूद स्पर्धाओं की निगरानी के लिए डीएसओ पल्ला नहीं झाड़ पाएंगे। सरकार ने सभी डीएसओ के लिए सूमो गोल्ड गाड़ी चुनी है और जल्द ही उन्हें सौंप दी जाएगी। खेल महानिदेशक जगदीश सिंह ने कहा जिले के जिस भी ब्लाॅक में खेल स्पर्धा होगी डीएसओ को गाड़ी तैयार मिलेगी।
अक्सर देखने में आता है कि जब भी ग्रामीण स्तर पर खेलकूद स्पर्धा हाेती है तो डीएसओ गाड़ी नहीं होने की बात कहते हैं जिससे स्पर्धाओं में लगने वाले अधिकारियों के मौके पर नहीं होने का आरोप लगता रहता है। सरकार ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए और स्पर्धाओं में आरोपों को खत्म करने के लिए सभी डीएसओ को सूमो गोल्ड गाड़ी देने का फैसला लिया है। इसके अलावा 21 के 21 जिलों में फेसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। प्रत्येक सेंटर को बनाने में सवा तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इतने पैसों में डीएसओ कार्यालय, लाइब्रेरी, कोच पदाधिकारियों के लिए जिम, कांफ्रेंस रूम, खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम सहित चार से पांच कमरे बनाए जाएंगे ताकि बाहर से आने वाले कोच अन्य पदाधिकारियों को विश्राम करने तथा रुकने के लिए किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि खेल विभाग इस समय विजन 2020 पर गहनता से विचार विमर्श कर रहा है और इसके लिए जल्द से जल्द नर्सरियों को शुरू किया जा रहा है ताकि खिलाड़ियों को ग्रास रूट पर ही वो सभी सुविधा मिल सके जिससे वो अपनी प्रतिभा को और निखार सके।
भारतकेसरी अखाड़ा स्पर्धा के लिए पहला इनाम एक करोड़ रुपये
खेलमहानिदेशक ने बताया कि जल्द ही भारत केसरी अखाड़ा स्पर्धा शुरू होने जा रही है। इसमें पहला स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह बेस्ट अखाड़ा कंपीटिशन होगा। उन्होंने बताया कि दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख, तीसरे को 25 लाख, चौथे को 11 लाख, पांचवें को पांच लाख, छठे को तीन लाख, सातवें को दाे लाख आठवां स्थान प्राप्त करने वाले एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ी की उम्र 17 साल या उससे ऊपर की होनी चाहिए इसके साथ साथ वजन 80 किलो या उससे ऊपर होना चाहिए। स्पर्धा में पिछले तीन साल में नेशनल स्तर पर पोजीशन, रेलवे या सर्विसिस के खिलाड़ी के साथ साथ ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्पर्धा का समापन गुडग़ांव में 23 मार्च को होगा। उन्होंने कहा कि लड़कियों के लिए भी अखाड़ा स्पर्धा शुरू करने पर कार्य चल रहा है और अगले साल से हरियाणा केसरी अखाड़ा स्पर्धा में लड़कियों को शामिल किया जाएगा ताकि वो भी अपनी प्रतिभा को अच्छे से निखार सके।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा
महानिदेशकने बताया कि खिलाडिय़ों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने जा रही है। इसके लिए मैपिंग तैयार करवाई जा रही है। इसके साथ साथ एक्सीलेंस सेंटर में बॉक्सिंग के लिए भिवानी, हैंडबॉल के लिए नरवाना साइकिलिंग के लिए कुरुक्षेत्र को चुना गया है बाकि खेलाें के लिए अभी मैपिंग चल रही है। इन सबके साथ साथ भव्य स्विमिंग पूल बनाया जाएगा।
बीमा योजना भी होगी लागू
खेलमहानिदेशक ने बताया कि खेलते समय कई बार खिलाड़ी घायल हो जाते हैं और परिवार की आर्थिक हालात ठीक होने से इलाज नहीं करवा पाते। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना शुरू करने जा रही है। इसकी सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जो खिलाड़ी रजिस्टर्ड होगा उसका पांच लाख रुपये का बीमा करवाया जाएगा
600 कोच होंगे भर्ती
खेलमहानिदेशक ने बताया कि खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने लिए विभाग जल्द ही 600 कोच की नियुक्ति करने जा रहा है और आवेदन के लिए 17 फरवरी आखिरी तिथि है। इसके बाद 600 कोच को नियुक्त कर उन जिलों में नियुक्त किया जाएगा, जहां पर काेच की कमी के कारण खिलाड़ी की प्रतिभा नहीं निखर पा रही और सामान कमरों में बंद पड़ा हुआ है।
पत्रकारों से बातचीत करते खेल विभाग के महानिदेशक जगदीप सिंह, साथ में उपनिदेशक छाजूराम गोयत, डीएसओ रमेश जांगड़ा।