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डेढ़ साल से दे रहे हैं स्वच्छता और बेटी बचाने का संदेश
मेरादेश स्वच्छ देश, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बुजुर्ग माता पिता की सेवा और सम्मान हो, पेड़ हमारे पोषक रक्षक हैं, इसलिए इन्हें अधिक से अधिक लगाएं, शाकाहार अपनाएं, जल संरक्षण करें। इस तरह का संदेश शहर में रहने वाली एक शख्सियत शहर में पिछले डेढ़ साल से दे रही है। उस शख्सियत का नाम है रविंद्र लाखोटिया। वे शहर की गणपत राय लुहारीवाला चैरिटी ट्रस्ट के पॉवर ऑफ अटार्नी हैं। वे इस काम के बदले ट्रस्ट की ओर से पैसा खर्च कर लोगों और संस्थाओं को मुफ्त में मोमेंटो बांट रहे हैं।
इस समय देश में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चल रहा है। मगर शहर के गणपत राय लुहारीवाला चैरिटी ट्रस्ट के प्रबंधक रविंद्र लाखोटिया तो इस दिशा में 1995 में लगे हुए हैं। इसके लिए उन्होंने पहले शहर में लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एक अमेरिकन साइलेंट मूवी को शहर में दिखाया करते थे। इस वीडियो को उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में बांटा। इसकी एवज में उन्होंने किसी से एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बाद वीडियो कैसेट की जगह सीडी का दौर आया तो उन्होंने भी अपना ट्रेंड बदलते हुए खुद याद नहीं कितनी सीडियां बांटी। उन्होंने बीबीपुर में 2012 में हुई खाप पंचायत में भी 300 से ज्यादा सीडी बांटी थी।
वे लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे अब तक विभिन्न सामाजिक सरोकार से ताल्लुक रखने वाली 20 से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं। इसलिए उन्हें देश में जहां भी बुलाया जाता है वे समाज में फैली इन बुराइयों को ही केंद्रित कर व्याख्यान देते हैं। इसके अलावा इन विषयों पर ही वे सालों से अपने द्वारा प्रकाशित कराए पंफलेट को जहां भी जाते हैं लोगों में बांटते रहते हैं। उनका मानना है कि स्वच्छता मानवता का भविष्य बदलती है। बेटी को बराबरी का दर्जा तब तक नहीं मिलेगा जब तक परिवार में वारिश को लेकर बेटों के प्रति मोह नहीं टूटेगा। जो संतान मां बाप की उपेक्षा अपनी व्यस्तता के कारण करते हैं वे मृतक के समान हें। पेड़ों के रोपण पोषण से प्रदूषण पर रोक लगेगी। सदा शाकाहारी रहना हमारे शरीर के अनुरूप है बाकि मनमर्जी हैं। अंत में उनका यही संदेश है कि पानी को कहीं पर भी बेकार बहने दें।
रविंद्र लाखोटिया पिछले डेढ़ साल से उन्होंने अपनी ओर से इस दिशा में नया काम शुरू किया है। इसके तहत वे ट्रस्ट की ओर से तैयार कराए गए मोमेंटो गणमान्य लोगों, सरकारी विभागों और गैर सरकारी संस्थाओं में खुद जा जाकर भेंट कर रहे हैं। उनके द्वारा तैयार कराए एक मोमेंटो की कीमत करीब 80 रुपये है। इसकी साइज एक फुट चौड़ाई और डेढ़ फुट लंबाई है। इसकी एवज में भी वे किसी से कोई पैसा नहीं लेते। उन्हें तो बस यह दिखना चाहिए कि यहां लोगों का सबसे ज्यादा आवागमन होता है। वे वहीं अपना यह मोमेंटो लेकर पहुंच जाते हैं और वहां उसे दीवार पर खुद ही टांग देते हैं। इस तरह के मोमेंटो वे जिले में ट्रांसफर होकर आने वाले हर अधिकारी को जरूर देते हैं ताकि अगर उस अधिकारी का यहां से ट्रांसफर हो तो वे उसे अपने साथ ले जाकर वहां के लोगों को भी उनकी ओर से दिया संदेश दिखा सकें। वे अपनी ओर से इस तरह के मोमेंटो सैकड़ों की संख्या में बांट चुके हैं। उनका यह अभियान लगातार जारी है।