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बिजली चोरों का भेद देंगे पूर्व सैनिक

6 वर्ष पहले
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पुलिसके मुखबिर की तरह पूर्व सैनिक अब बिजली निगम को डिफाल्टरों का भेद देंगे। वे निगम को बताएंगे कि कहां-कहां बिजली चोरी हो रही है। निगम इसी रिपोर्ट के अाधार पर डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। इसके लिए अतिरिक्त पैसा भी नहीं खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि ये पूर्व सैनिक वही हैं, जो पहले ही मीटर रीडिंग का काम कर रहे हैं।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अपने डिफाल्टरों से निपटने के लिए विजिलेंस एचईएसएल (हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग) का सहारा लिया है। प्रत्येक सब डिवीजन में निगम की दर्जनों टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें विजिलेंस के कर्मचारियों के साथ गांव गांव में हर डिफाल्टर उपभोक्ता के घर दस्तक देंगी। निगम अधिकारियों को 64 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट मिला है। इसमें अब तक निगम की गठित की गई विभिन्न टीमों द्वारा सर्कल स्तर पर 9.72 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है। दरअसल एचईएसएल के कर्मचारी निगम में मीटर रीडिंग, बिल वितरण कैश कलेक्शन का काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की मदद इसलिए भी ली गई है ताकि वे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं से रूबरू हो रहे हैं। ये कर्मचारी आसानी से निगम की टीम को उन डिफाल्टरों के ठिकाने पर ले जाते हैं, जिन्हें निगम अधिकारियों के लिए ढूंढ़ पाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा किसी प्रकार का कोई विरोध हो इसके लिए विजिलेंस विभाग के पुलिस कर्मचारी भी रिकवरी टीमों के साथ भेजे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रेवाड़ी पुलिस थाने से सर्कल स्तर पर 27 विजिलेंस पुलिस कर्मचारियों को यहां बुलाया गया है। हर टीम के साथ एक विजिलेंस कर्मचारी दिया गया है।

बिजली सुविधा के साथ-साथ अब रिकवरी पर भी ध्यान: अग्रवाल

इसविषय में निगम महाप्रबंधक केसी अग्रवाल ने बताया कि निगम की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम शुरू करने के साथ साथ अब रिकवरी पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसीलिए सभी सब डिवीजनों में टीमें बनाई गई हैं। अगर दो माह से ज्यादा किसी का बिल भुगतान नहीं हुआ है तो उसकी उगाही इन टीमों द्वारा की जाएगी। इसके अलावा बिजली बिलों में कोई त्रुटि है तो उसे जल्द से जल्द निगम कार्यालयों में ठीक कराएं।

बिलिंग ठीक होगी तो गांव में निगम देगा सुविधाएं

जिनगांवों में बिजली बिलों का भुगतान उपभोक्ता नियमित रूप से कर रहे हैं, उन गांवों में अधिकारी बिजली सुविधाओं का खास तौर पर ध्यान रखेंगे। वैसे तो निगम हर गांव में बिजली सुविधा को बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में निगम को सभी गांवों से अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

जिले भर में हैं 16 हजार बिजली मीटर डिफेक्टिव

निगमअधिकारियों की मानें तो पूरे सर्कल में 16 हजार बिजली मीटर डिफेक्टिव हैं। इन मीटरों को बदलने के लिए भी व्यापक स्तर पर कदम उठाया जा रहा है। फरवरी में छह हजार डिफेक्टिव बिजली मीटर बदले जाएंगे। जबकि 10 हजार खराब बिजली मीटरों को अगले माह में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए निगम स्टोर में बड़े पैमाने पर मीटरों की खेप मंगवाई गई है।

बिजली बिलों की दिक्कत भी मौके पर होगी दूर

निगमने डिफाल्टरों से उगाही करने के साथ साथ जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में दिक्कतें रही हैं, उनका मौके पर ही निदान भी किया जा रहा है। इसके लिए सभी सब डिवीजनों में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर खुले दरबार लगाएं। इनमें बिजली बिलों की त्रुटियां दुरुस्त करने बकाया राशि का भुगतान करवाना भी सुनिश्चित किया जा रहा है।