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तेरापंथ भवन में हुआ कालसर्प योग निवारण अनुष्ठान

7 वर्ष पहले
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भिवानी | तेरापंथभवन में आचार्य महाश्रमण की शिष्या साध्वी उज्जवल कुमारी के सानिध्य में डाॅ. लावण्ययशा ने रविवार को श्रद्धालुओं को जन्मकुंडली में अशुभ योग माना जाने वाला कालसर्प योग के निवारण के लिए अनुष्ठान कराया। इसमें जैन अजैन समाज के भाई बहनों ने भाग लिया। गौरतलब होगा कि आम धारणा के अनुसार इस दोष के निवारण के लिए लोग नासिक उज्जैन में जाकर पूजा कराते हैं। मगर छोटी काशी में पहली बार सामूहिक कालसर्पदोष निवारण अनुष्ठान कराया गया। साध्वी लावण्ययशा ने मंत्रोच्चार के माध्यम से इस दोष के निवारण का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि जन्म कुंडली में कुछ शुभ एवं कुछ अशुभ योग होते हैं जो व्यक्ति के जीवन में समय-समय पर बाधाएं खड़ी करते है। कालसर्पदोष बड़ा अशुभ दोष माना गया है। इस दौरान साध्वी उज्जवल कुमारी ने लोगों के मंगलमय जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक नवरात्रों के दौरान आध्यात्मिक नवान्हिक अनुष्ठान कराया जाएगा। इस दौरान मानव जीवन की सामूहिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रोपचार बताया जाएगा। इस मौके पर साध्वी सूरज प्रभा, साध्वी वसूधाश्री, सुरेंद्र कुमार जैन एडवोकेट, रमेश, सुशील जैन, माणिक चंद नाहटा, एनसी नाहटा, सौरभ जैन, जगदीश अहलावत, कृष्ण खरकिया, शुभम जैन, अंकुर, विशाल, मधू जैन, बेला नाहटा, सारिका जैन, मैना सेठिया आदि थे।