भिवानी। बिजली निगम के जेई जयप्रकाश को आत्महत्या के लिए मजूबर करने वालों पर कार्रवाई के लिए बुढेड़ा के ग्रामीणों ने मंगलवार को हिसार में आईजी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इससे पहले आईजी से मिले लोगों ने कहा कि आरोपित उन्हें धमकियां दे रहे हैं। अगर 10 दिनों में आरोपितों को नहीं पकड़ा गया तो वे आईजी कार्यालय का घेराव करने को मजबूर हाेंगे।
दो माह पूर्व हुई घटना में पुलिस की ढीली कार्रवाई पर लोग मंगलवार को रोष में दिखे। हिसार में आईजी से मिलने पहुंचे जेई के परिवार का कहना था कि आरोपितों की तरफ से समझौते के लिए दबाव डालने के लिए धमकियां मिली रही हैं।
मृतक जेई जयप्रकाश के पुत्र दीपक खरब ने बताया कि उनके पिता भिवानी के बिजली निगम के सब डिवीजन पर तैनात थे। करीब दो माह पूर्व 24 जुलाई को उनके पिता ने सुसाइड कर लिया था। पिता ने सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें लिखा था कि लाइनमैन जयवीर, जेई सुखवीर और जेई प्रथम(एसडीओ) ओके दलाल ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया है।
दीपक ने बताया कि सुसाइड नोट में उनके पिता ने लिखा था कि जिस क्षेत्र में उनकी तैनाती नहीं थी, उन क्षेत्रों के गलत बिलों पर उनके हस्ताक्षर करा लिए गए थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या की।
मृतक जेई की पत्नी विमला देवी ने बताया कि फतेहाबाद थाने में घटना वाले दिन ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन तीनों की आरोपी घटना वाले दिन से गायब हैं। इस दौरान सुखपाल, कौशला देवी, राम सिंह धनखड़, मीरा देवी, हजारी लाल, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
चार बार मिल चुके आईजी से : मृतक की पत्नी विमला ने बताया कि चार बार आईजी से मिल चुके हैं। 22 से 24 जुलाई के बीच की कॉल डिटेल निकालने और इन्हें तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर चुके हैं। पिछले 31 जुलाई और तीन सितंबर को आईजी द्वारा आरोपितों पर कार्रवाई का आश्वासन तो मिला, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
- बुढ़ेडा के ग्रामीणों ने कहा समझौते के लिए दे रहे हैं धमकियां।
बिजली निगम के जेई के आत्महत्या के मामले में हिसार में आईजी कार्यालय पहुंचे परिजन और ग्रामीण।