पांच महीने से लापता इंजीनियर बेसुध मिला
दादरीगेट क्षेत्र स्थित न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी के मकान नंबर 87 से पांच माह पहले अपहृत हुआ इंजीनियर विनय बुधवार शाम को रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से बेसुध हालत में पड़ा मिला। गांव काकड़ोली हुकमी निवासी राहुल ने जब विनय को इस हालत में देखा तो वह उसे जिला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा। बाद में उसकी जेब से मिले मोबाइल नंबर पर परिजनों को सूचना दी।
चरखी दादरी क्षेत्र के गांव रावलधी निवासी जयवीर ने बताया कि वे भिवानी के दादरी गेट न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहता है। उसके बेटे का गत 2 मई को न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी के मकान से अपहरण कर दिया था। उसका बेटा विनय एक कपड़ा मिल में बतौर इंजीनियर काम करता है। 2 मई को उसके बेटे विनय के ससुराल वाले उनके घर धमके और उसके साथ मारपीट की और उसके बेटे का अपहरण कर लिया। इस मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को दी, मगर पुलिस ने उनके बेटे के लापता होने पर रपट दर्ज कर मामले से पल्ला झाड़ लिया। जयवीर का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत एसपी से भी की, मगर इसके बावजूद भी उनके बेटे की पुलिस ने कोई खोजखबर नहीं की। उसके बेटे की शादी जनवरी 2012 में डीसी कालोनी निवासी एक युवती के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही मियां बीवी के बीच अनबन हो गई। इसी मामले में उसके ससुराल वालों ने विनय की घर में घुसकर मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ देर बाद ही उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया। उन्होंने विनय को काफी ढूंढा मगर कोई सुराग नहीं लगा। विनय के पिता ने बताया कि वे न्याय पाने के लिए हर चौखट पर गए, मगर किसी ने नहीं सुनी। बुधवार को जब उनके बेटे के मिलने की खबर मिली तो वे अस्पताल दौड़ पड़े। अपहरणकर्ताओं ने उनके बेटे की हालत काफी खराब कर दी है। उसके बेटे ने उन्हें बताया कि उसे इंजेक्शन लगाकर उसे बेहोश कर देते थे। उसे बंधक बनाया गया और दो तीन दिन में एक बार ही खाना देते थे। वह उस मंजर को याद कर अभी भी डरा हुआ है। अर्ध बेहोशी की हालत में विनय थोड़ी थोड़ी देर में बड़बड़ाता रहा है। उसे दी गई यातनाओं का असर अब भी उसके दिमाग पर है। जयवीर का यह भी आरोप है कि न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में उसका बेटा बहू के साथ अलग रहता था। उसके अपहरण के बाद से ही मकान बंद पड़ा हुआ है। पुलिस ने एक बार उसे खुलवाया था। मगर इसके बाद आज तक बंद है। उसके बेटे के अप