(हुन्नामल प्याऊ के पीछे कोंट रोड स्थित मकान में निशानदेही के दौरान सदर थाना इंचार्ज लीलाराम को ड्राम दिखाता नसीब, जिसमें बलबीर को डूबोया गया था।)
भिवानी। बैंक कॉलोनी निवासी फोटोग्राफर बलबीर की हत्या आरोपी नसीब ने अपने साथी बिंटू के साथ मिलकर पांच सितंबर की बजाए चार सितंबर की रात ही कर दी थी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद नसीब वहां से बलबीर के घर आया और उसने बलबीर की हत्या के बारे में अनीता को सबकुछ बताया। इस दौरान दोनों ने शारीरिक संबंध भी बनाए थे। इसके अलावा नसीब ने डेढ़ महीने पहले ही बलबीर की पत्नी अनीता की मांग भी भरी थी। अनीता नसीब को अपना पति मान चुकी थी। यह खुलासा आरोपी नसीब ने पुलिस के सामने करते हुए सभी वारदातों के बारे में मौका मुआयना कराया।
पुलिस पूछताछ में नसीब ने बताया कि करीब 11 साल पहले से वह अनीता को जानता था। इस दौरान जब उसने अनीता को बहन कहना चाहा तो उसने इसके लिए मना कर दिया। नसीब ने बताया कि अनीता की शादी के बाद भी उसकी ससुराल में भी आना जाना लगा रहा। मगर इस दौरान कभी उसके दिमाग में अनीता के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात दिमाग में नहीं आई। दूसरी ओर अनीता का उसके घर भी आना जाना हो गया। करीब साढ़े चार साल पहले उसके दिमाग में अनीता के साथ शारीरिक संबंध बनाने की चाहत उठी तो अनीता ने भी इसके लिए मना नहीं किया।
जीजा का भी हत्यारा : नसीबने बताया कि अपनी बड़ी बहन को परेशान करने के कारण करीब तीन साल पहले उसने अपने जीजा की हत्या कर दी। 22 महीने जेल में रहने के बाद वह उस मामले में गवाहों के मुकरने पर वह पिछले साल दिसंबर में जेल से रिहा हो गया। जेल में रहते हुए उसकी दोस्ती जींद के गांव समर गोपालपुर निवासी शैलेंद्र के साथ हो गई। उसका साथी बिंटू इसी शैलेंद्र का भाई है।
सदर थाने पहुंची कुम्हार समुदाय की पंचायत : बलबीर हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट कुम्हार समुदाय की पंचायत सोमवार सुबह सदर थाना में पहुंची। नगर परिषद के कार्यवाहक चेयरमैन मामनचंद सहित अनेक लोगों ने सदर पुलिस थाना प्रभारी से बातचीत की। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधि एसपी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे और अनीता की भूमिका के साथ उसके प्रेमी द्वारा मर्डर की वारदात की तफ्तीश में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि अनीता के नसीब के साथ अनैतिक संबंधों की बात को वे शुरू से ही कह रहे हैं, मगर मर्डर में उसका हाथ संभव नहीं है। एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यूं दिया वारदात को अंजाम : मारै पाच्छै इसमै डबौया...पुलिस के सामने खोला हत्या का राज :
जिस दिन नसीब ने इस वारदात को अंजाम दिया उसी दिन उसकी मां सूरज कौर अपनी छोटी बेटी की ससुराल भूंगला से यहां आई थी। मगर नसीब ने अपनी मां को उसी दिन अपनी बड़ी बहन की ससुराल मिताथल भेज दिया था। हालांकि उसकी मां ने वहां जाने से मना भी किया, लेकिन नसीब की जिद के आगे उसे झुकना पड़ा।
नसीब ने बताया कि उसने अनीता को 10 सितंबर को ही यह बता दिया था कि वह बलबीर की हत्या के बारे में अपने घरवालों को बता दे। मगर उसने ऐसा नहीं किया तो 11 सितंबर की रात वह फिर अनीता के पास आया और कहा कि वह उसके यहां से निकलने के बाद अपने परिवार वालों को यह बता दे कि बलबीर की हत्या नसीब ने कर दी है। इस पर अनीता ने उसके घर से निकलने के बाद अपने देवर को इस बारे में बता दिया।
जब सोमवार को पुलिस नसीब को घटनास्थल दिखाने के लिए लेकर तब भास्कर टीम भी पुलिस के साथ थी। यहां उनके मकान पर उसकी मां सूरज कौर और छोटी बहन प्रमिला थी। इस दौरान प्रमिला ने बताया कि करीब चार महीने पहले वह अपने भाई और अनीता को संदिग्ध हालत में देख चुकी थी। तब उसने अपने भाई को कह दिया था कि वह अनीता का चक्कर छोड़ दे, क्योंकि एक दिन वह उसे मरवाएगी।
मगर जब अनीता दिन के समय उनके घर आती तो वह अपनी बहन और मां को घर से निकाल देता था। वह उन्हें धमकी देते हुए कहता कि अगर उन्हें उसकी शक्ल देखनी है तो वे यहां से कुछ देर के लिए चली जाएं। इसलिए वे चाहते हुए भी वहां से निकल जाती थी। नसीब से मौका मुआयना कराने उसके साथ चले रहे सदर थाना प्रभारी लीलाराम ने बताया कि अब इस पूरे मामले का खुलासा हो चुका है।
नसीब ने बताया कि हत्या के बाद रात को उसने और बिंटू ने मिलकर बलबीर की लाश को ड्रम से निकालकर एक बोरी में बंद किया और मकान के पीछे डाल दिया। इसके बाद वह दिन भर बाइक लेकर बलबीर की लाश को जलाने के लिए जगह देखता रहा। इसी दौरान उसे नांगल के पास एक लकड़ियों का ढेर दिखाई दिया। इस पर रात साढ़े 11 बजे वह और बिंटू बलबीर की लाश को बाइक पर लेकर उस लकड़ियों के ढेर के पास पहुंचे। वहां उन्होंने बलबीर की लाश को एक गड्ढे में डाल दिया। इसके बाद वह अपने मकान पर पहले से रखी 12 लीटर पेट्रोल की कैनी लेकर बलबीर की लाश के पास पहुंचा। वहां उन्होंने बलबीर की लाश को उठाकर लकड़ियों के ढेर पर लिटा दी। इसके बाद उन्होंने लाश को आग लगा दी।
जेल से बाहर आकर अनीता को ही अपनाऊंगा : नसीब ने बताया कि उसे बलबीर की हत्या करने का जरा भी मलाल नहीं है। जब वह और बिंटू जेल से सजा पूरी होकर बाहर आएंगे तो वह अनीता को ही अपनी पत्नी बनाएगा। उसने बताया कि अनीता को जेबीटी टीचर लगवाने के लिए उसने ही किसी से 50 हजार रुपये खर्चा पानी देने के लिए स्वीकार किया था। उनमें उस व्यक्ति को वह 25 हजार रुपये दे भी चुका था।
नसीब ने बताया कि इसके बाद उसने और अनीता ने यह ठान ली थी कि उन्हें बलबीर को ठिकाने लगाना है। इस पर उसने इसके लिए बिंटू को तैयार कर चार सितंबर की रात साढ़े आठ बजे बलबीर को अपने घर बुला लिया। जब बलबीर उसके घर आया तो बिंटू ने उसके चेहरे पर कंबल डाला और उसकी छाती पर बैठ गया। इसी दौरान उसने बलबीर के पैर दबाए तो बिंटू ने बलबीर की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने नसीब की लाश को अपने घर में रखे पानी से भरे ड्रम में उल्टा डाल दिया।
बलबीर करता था अनीता को परेशान : बलबीर की हत्या करने वाले नसीब ने बताया कि बलबीर अपनी पत्नी को परेशान करता था। अनीता उसे सारी बातें बताती थी। जब दिन में अनीता अपने पति को कोचिंग सेंटर पर जाने की कहती तो वह सप्ताह में एकाध दिन उसके घर जाती थी। वहां वे दोनों मौज मस्ती कर लेते थे। उसने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसने अनीता के कहने पर ही उसे अपनी पत्नी मान उसकी मांग भर दी थी।