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डाउनलोड करेंफरीदाबाद. सरकारी महकमों पर बिजली निगम का करोड़ों रुपया बकाया है। नगर निगम, पब्लिक हेल्थ, सिंचाई, हुडा जैसे अन्य सरकारी डिपार्टमेंट पर 45 करोड़ रुपए से अधिक का बिल बकाया है। निगम अब इन सरकारी विभागों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। बकाएदारों की लिस्ट तैयार कर ली है। बिजली निगम कई बार इन विभागों को बिल जमा करने के लिए नोटिस भेज चुका है। लेकिन इसके बाद भी ये बिल जमा नहीं कर रहे हैं।
सरकारी संस्थानों पर बकाया : अभी तक सरकारी डिपार्टमेंट पर कार्रवाई को लेकर निगम ने सुस्त रवैया अपना रखा था। इससे हर साल बकाया राशि बढ़ती गई। इसे वसूलने में बिजली निगम को अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
एक माह का समय : बिजली निगम ने हुडा व नगर निगम के ट्यूबवेल के कनेक्शन काटने की तैयारी कर ली है। उसने हुडा प्रशासक व नगर निगम कमिश्नर से बकाया बिल जमा कराने के लिए एक माह का समय दिया है। अगर इस अवधि में बिल जमा नहीं कराते हैं तो इनके कनेक्शन काटने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
प्राइवेट में कितना बकाया : सर्कल में बिजली निगम के डिफाल्टर्स की लंबी लिस्ट है। निगम के एक लाख 77 हजार 774 डिफाल्टर्स हैं। इन पर निगम का लगभग 423 करोड़ रुपया बकाया है। इनमें 86 770 कनेक्टिड (कनेक्शन धारक) डिफाल्टर्स हैं। जिन पर निगम का 151 करोड़ रुपया बकाया है।
85974 डिसकनेक्टिड (जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं) डिफाल्टर्स पर निगम का 199 करोड़ रुपया बकाया है। 602 डिफाल्टर्स जिनके मामले कोर्ट में हैं। इन पर निगम का 29 करोड़ रुपया बकाया है। डिफाल्टर्स 423 करोड़ रुपए दबाए हैं।
प्राइवेट सेक्टर में बना रिकार्ड : प्राइवेट सेक्टर में निगम के बड़ी संख्या में डिफाल्टर्स हैं। इन पर निगम का करोड़ों रुपया बकाया है। निगम ने वर्ष 2012 में डिफाल्टर्स के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू की। उसने बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने का अभियान शुरू किया।
सबडिवीजन वाइज टीमों का गठन कर डिफाल्टर्स पर कार्रवाई की गई। इसका यह असर रहा कि निगम ने इस बार रिकार्ड तोड़ रिकवरी की। अभियान के डर से डिफाल्टर्स के पसीने छूटे। पिछले वर्ष निगम ने 55451 उपभोक्ताओं के कनेक्शन डिसकनेक्ट किए। इससे निगम ने 133 करोड़ रुपए की रिकार्ड रिकवरी की।
॥हमने नगर निगम कमिश्नर व हुडा प्रशासक के साथ मीटिंग की है। उन्हें बकाया बिल जमा करने को कहा है। इसके लिए उन्हें एक माह का समय दिया गया है। डिपार्टमेंट ने भी भरोसा दिया है कि वे इस समयावधि में बकाया पैसा जमा करा देंगे। अगर वे नहीं जमा कराते तो कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-एस देशवाल, एसई, फरीदाबाद बिजली निगम
सरकारी महकमों पर बकाया
डिपार्टमेंट बकाया (करोड़ में)
पब्लिक हेल्थ 15 करोड़
एमसीएफ 19 करोड़
हुडा 4 करोड़
सिंचाई 88.49 लाख
अन्य विभाग 3 करोड़
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