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अब फर्जी पेंशनरों का खुलेगा राज, होगी उम्र की जांच
जल्दही फर्जी कागजात के सहारे पेंशन लेने वालों के नाम उजागर होने वाले हैं। बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए मची होड़ लालच के मद्देनजर अब जिला समाज कल्याण विभाग ऐज प्रूफ की जांच कराएगा। सरकार की तरफ से आदेश गए हैं। ट्रायल के तौर पर एक गांव की बुढ़ापा पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की सही ऐज पता करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए स्कूल का रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। योजना के अनुसार यदि ट्रायल के तौर पर गांव में बुढ़ापा पेंशन जांच की योजना सफल रही तो काम को किसी निजी हाथों में दिया जा सकता है। इसके बाद समूचे पेंशन पाने वालों की ऐज की जांच कराई जाएगी। इस आदेश के बाद भगदड़ मचे, इसलिए विभाग द्वारा गांव का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। जिले में विभिन्न प्रकार से पेंशन लेने वालों की संख्या करीब 80 हजार है। इनमें बुढ़ापा पेंशन लेने वाले 41 हजार से अधिक हैं।
अक्सर लोग बुढ़ापा पेंशन के लालच में 60 साल उम्र के गलत सर्टिफिकेट बनवा लेते हैं। इसमें कुछ महकमों के कर्मचारी भी मिलीभगत कर लेते हैं। इससे सरकार को काफी नुकसान हो रहा है। फिलहाल बुढ़ापा पेंशन 1000 रुपए प्रति माह है। नवंबर से यह पेंशन 1500 रुपए प्रतिमाह होने जा रही है। प्रति माह जिला समाज कल्याण विभाग के पास सैकड़ों आवेदन जाते हैं। इन सभी पेंशन लेने वालों के उम्र की जांच जमीनी तौर पर नहीं हो पाती। इसलिए सरकार चाहती है कि कम से कम नई पेंशन लेने वालों के स्कूल सर्टिफिकेट से यह पता लग जाएगा कि पेंशन लेने वाले की असल उम्र कितनी है। इसके बाद अागे की कार्रवाई होगी।
क्याचाहिए बुजुर्ग पेंशन के लिए: जिलासमाज कल्याण विभाग के नियमानुसार बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए 60 साल की उम्र होना जरूरी है। 60 साल की उम्र के प्रूफ के रूप में वोटर आईकार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण पत्र में से कोई एक दस्तावेज का होना अति आवश्यक है। फार्म के साथ ऐज प्रूफ लगाकर देना होता है। इसके अलावा आवेदनकर्ता के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
^अक्सर लोग पेंशन के चक्कर में ऐज प्रूफ के दस्तावेज ठीक नहीं लाते। इसलिए सरकार की तरफ से ट्रायल के तौर पर एक गांव की बुढ़ापा पेंशन की जांच कराने की योजना तैयार की है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो बुजुर्गों की ऐज की जांच कराई जाएगी। -सुशीलादेवी, जिलासमाज कल्याण अधिकारी
किसको कितनी पेंशन
बुजुर्