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सवा करोड़ गायत्री अनुष्ठान महायज्ञ 4 अक्टूबर से

7 वर्ष पहले
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स्वामीचित्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि यज्ञ से आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। यज्ञ से प्रदूषण कम हो जाता है। यज्ञ में इस्तेमाल होने वाला घी, हवन सामग्री समिधाएं वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होती हैं। इस हवन यज्ञ में शामिल होने के लिए हरियाणा के अलावा, यूपी, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों से हजारों लोग आएंगे।

फरीदाबाद- मझावाली गांव के गुरुकुल में पत्रकारों से बातचीत करते स्वामी चित्तेश्वरानंद सरस्वती।

भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

सवाकरोड़ गायत्री अनुष्ठान एवं चतुर्वेद ब्रहमपरायण महायज्ञ में 20 हजार किलो घी, 60 हजार किलो हवन सामग्री के अलावा 1 लाख 10 हजार किलो समिधाएं (हवन में इस्तेमाल होने वाली लकडिय़ां) लगेंगी। मंझावली यमुना तट पर स्थित गुरुकुल में पांच माह तक चलने वाले इस महायज्ञ में करीब ढ़ाई करोड़ रुपए से अधिक खर्चा आएगा। यह जानकारी स्वामी चित्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुकुल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ की शुरुआत 4 अक्टूबर 2014 से होगी और यह महायज्ञ 8 मार्च तक चलेगा।

ऐसेहोगा यज्ञ

उन्होंनेबताया कि यज्ञ की दिनचर्या में सुबह तीन बजे से लेकर चार बजे तक जागरण, नित्य कर्म, स्नान आदि, चार बजे से छह बजे तक गायत्री जप और ध्यान, छह बजे से पौने सात बजे तक सामूहिक आसन प्राणायाम आदि, 6.54 से सात बजे तक यज्ञ की तैयारी, वस्त्र परिवर्तन, सात बजे से नौ बजे तक यज्ञ, नौ बजे से पौने दस बजे तक सेवा योग, पौने दस से 11 बजे तक सामूहिक जप ध्यान, 11 बजे से 1 बजे तक भोजन, विश्राम व्यक्ति कार्य, दोपहर एक बजे से दो बजे तक शंका समाधान, स्वाध्याय जप, दो बजे से पौने तीन बजे तक भ्रमण परिसर में ही, तीन बजे से पांच बजे तक सांयकालीन यज्ञ, 5 बजे से पौने छह बजे तक सेवायोग, पौने छह बजे से साढ़े छह बजे तक सामूहिक आसन, प्राणायाम, साढ़े छह बजे से आठ बजे तक जप साधना, आठ बजे से नौ बजे तक दुग्ध पान फलाहार सांय नौ बजे शयन। इस मौके पर गुरुकुल के लोकसंपर्क अधिकारी जगत सिंह आर्य, उपनिदेशक (योजना) कर्नल यज्ञपाल सिंह नागर, देवमुनि, विजय आर्य, राजसिंह आर्य, उमाकांत, शांता प्रसाद, परमेश्वरी देवी, अशोक कुमार चौहान, स्वमी प्रणवानन्द सरस्वती, दीनदयाल, मामचंद तंवर, कैप्टन रुद्रसेन, जयकुमार, गुरुदत्त, विद्यामित्र ठुकराल, दर्शन कुमार, शशिकांत सेठ, स