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आज आदमी अपने दुख से नहीं, दूसरे के सुख से परेशान है : प्रकाश महाराज
कलियुगमें आदमी अपने दुख से नहीं, दूसरे के सुख से परेशान है। सुखी रहने के लिए जो कुछ आपके पास है, उसी में मस्त रहो। यह बात कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी जगत प्रकाश त्यागी महाराज ने कही। वे मानव सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा, सच्चा मानव वह है जो अपने भले के साथ-साथ दूसरों के भले की भी कामना करे। मनुष्य को मुसीबत कष्टों के समय धैर्य रखना चाहिए। ऐसे अवसर पर प्रभु राम की भक्ति याचना कर अपने दुखों से निपटारा पाना चाहिए। रविवार को रामकथा प्रसंग में सीता हरण, सुग्रीव, लंका दहन, राम राजतिलक का वर्णन किया गया। राम दरबार की सुंदर झांकी आकर्षण का केंद्र थी। इस मौके पर समाजसेवी नथमल बजाज, तेजपाल सिंह, वीएस चौधरी, सुभाष मित्तल, आरपी गुप्ता, किरनपाल, लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष दीपक जैन, शिक्षाविद सीवी रावल, सखी क्लब प्रोत्साहन महिला समिति की पदाधिकारी, रोटरी क्लब फरीदाबाद के पदाधिकारी आदि मौजूद थे। इस दौरान समिति के पदाधिकारी अरुण बजाज, पवन गुप्ता, गौतम चौधरी, कैलाश शर्मा, बीआर सिंगला, सुरेंद्र जग्गा आदि ने समाजसेवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। रामकथा का समापन सोमवार को सुबह 9 बजे यज्ञ, भवन और भंडारे के साथ होगा।