राजीव गांधी खेल अभियान पर लगा ग्रहण
ग्रामीणप्रतिभाओं के साथ न्याय करते हुए उन्हें एक मुकाम देने की केंद्र सरकार की योजना पाएका (पंचायती युवा क्रीड़ा खेल अभियान) के बदले गए नाम राजीव गांधी खेल अभियान पर इस बार ग्रहण लगता नजर रहा है। जिला खेल विभाग ने भी इस अभियान के तहत होने वाले आगे के खेलों के आयोजन की अब उम्मीद छोड़ दी है। क्योंकि केंद्र से इस योजना का अभी तक पैसा नहीं भेजा गया है। जबकि विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र आचार संहिता भी लागू हो चुकी है। ऐसे में जिला खेल विभाग इस अभियान से हाथ खींच अब दूसरी प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुट गया है।
क्याहै पाएका का फायदा: ग्रामीणप्रतिभाओं को ऊपर लाकर उन्हें निखारने के उद्देश्य से पाएका शुरू हुआ। इसके माध्यम से फरीदाबाद में कई खिलाड़ी ऊपरी स्तर पर निकल कर सामने आए हैं। भीम अर्जुन अवार्डी रेसलर नेहा राठी भी इन्हीं खेलों से लाइमलाइट में आई थीं। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर स्तर की प्रतियोगिता में नगद कैश प्राइज जीतने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। जबकि ब्लॉक स्तर पर पहले चार स्थान जीतने वाले खिलाड़ियों को आगे की प्रतियोगिता के लिए मौका मिलता है। इस वर्ष ही यूपीए सरकार ने इस योजना का पाएका से नाम बदलकर राजीव गांधी खेल अभियान किया था। नाम बदलने के बाद से ही इस योजना के तहत इस बार पैसा नहीं भेजा गया है। यह परेशानी केवल फरीदाबाद जिले में ही नहीं रही। बल्कि प्रदेश के दूसरे जिलों में भी ऐसा ही हाल है।
नहींहो सकेंगे खेल: राजीवगांधी खेल अभियान के तहत खेलों के आयोजन कराने की तारीखें पहले से ही निर्धारित हैं। जिला खेल विभाग ने पैसा आने की स्थिति में ब्लॉक स्तर के खेलों के आयोजन को भी अपने पास मौजूद बजट से तकरीबन एक महीना लेट से कराया। जोकि 27-30 अगस्त को कराई गईं। हालांकि इसमें खिलाड़ियों को जो कैश प्राइज देना था। उसे नहीं दिया गया। सितंबर 1 से 4 में जिलास्तरीय खेलों का आयोजन किया जाना था। लेकिन वो भी बजट नहीं आने की वजह से नहीं हो सका। अब आचार संहिता भी लग चुकी है। वहीं स्टेट राजीव गांधी खेल अभियान की तारीखें नजदीक हैं। इसलिए ही अब इन खेलों का होना संभव नहीं है। जिला खेल विभाग के अनुसार इस वजह से अब स्टेट स्तर पर भी इस योजना के तहत खेल नहीं हो सकेंगे।