पहले सरपंच, फिर बने विधायक और मंत्री
विधायकऔर मंत्री बनने से पहले फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र के कई दिग्गज पंचायतों के सरपंच भी रहे हैं। इन दिग्गजों ने राजनीतिक करियर की शुरुआत पंचायत की राजनीति से की। यहां से अनुभव प्राप्त करने के बाद कई सरपंच विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे और मंत्री भी बने। ऐसा भी हुआ है कि विधायक होते हुए भी गांव के लोगों ने उन्हें निर्विरोध सरपंच बना लिया। मौजूदा 4 विधायकों ने राजनीति की शुरुआत सरपंच बनने से की थी।
महेंद्रप्रताप नवादा के सरपंच
हरियाणाके राजस्व एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह 1971-72 में गांव नवादा कोह के सरपंच बने। इस पद पर रहते हुए उन्होंने फरीदाबाद पंचायत समिति के सदस्य का चुनाव लड़ा। तब पंचायत समिति का सीधा चुनाव नहीं होता था और ही कोई व्यक्ति सीधा पंचायत समिति का चुनाव लड़ सकता था। महेंद्र प्रताप सिंह सरपंच रहते हुए फरीदाबाद पंचायत समिति के सदस्य बने और फिर पंचायत समिति के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने 1982 में मेवला महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से विजय हासिल की। इसके बाद वे पांच बार विधानसभा चुनाव जीते। इस बार भी वे कांग्रेस से उम्मीदवार हैं।
रघुबीरतेवतिया जनौली के सरपंच
पृथलाके विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया के भी राजनीतिक करियर की शुरुआत पंचायत की राजनीति से हुई। जनौली गांव के वे तीन बार सरपंच रह चुके हैं। वे 1983, 1988 और 1994 में गांव के सरपंच चुने गए। यहीं से उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बनाई। उन्होंने विधानसभा का पहला चुनाव 1987 में लोकदल अजित के टिकट पर पलवल से लड़ा और हार गए। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए और 2009 में पृथला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे।
जगदीशनायर पैंगलतू के सरपंच
होडलके इनेलो विधायक जगदीश नायर 1994 में अपने गांव पैंगलतू के सरपंच बने। इसके बाद वे हरियाणा विकास पार्टी में शामिल हो गए। हविपा ने उन्हें 1996 में तत्कालीन हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया और वे चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और बंसीलाल सरकार में मंत्री बने। 2009 में वे इनेलो की टिकट पर होडल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और जीत हासिल कर विधायक बने। इस बार भी वे इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
हर्षकुमार पालड़ी के सरपंच
1983में पूर्व विधायक हर्ष कुमार होडल