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अब एक माह में निपटानी होंगी पेंडिंग फाइलें
हुडामें अब पेंडिंग मामलों की संख्या बढ़ाने वाले अफसर कर्मचारियों की शामत आने वाली है। हुडा प्रशासक पीसी मीणा ने एक माह के अंदर पेंडिंग फाइलों को निपटाने के आदेश दिए हैं। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई के आदेश भी हैं। हाल ही में हुडा प्रशासक ने ब्रांच के अंदर रखी टेबल पर सैकड़ों फाइलों को देखकर गहरी नाराजगी जाहिर की थी।
जेबभरने के लिए रोकते हैं फाइल: सेक्टर-3में रहने वाले देवेंद्र, गोपी, सीनियर एडवोकेट अनिल पाराशर का कहना है कि हुडा में फाइलों के पेंडिंग रहने का केवल जेब भरने वाला कारण है। जब तक कर्मचारियों को सुविधा शुल्क नहीं दिया जाएगा, तब तक कर्मचारी फाइलों को पास नहीं करेंगे। नीचे से लेकर अधिकारियों तक रिश्वत का खेल होता है। उनकी मांग है कि ऐसे कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो समयसारिणी के मुताबिक काम नहीं करते।
1700फाइल निकाल दी: हुडाप्रशासक की नाराजगी के बाद कर्मचारियों ने दिन रात एक कर 2010 की 1700 फाइल निकाल दी। इन फाइलों के लिए उपभोक्ता वर्षों से चक्कर लगा रहे थे लेकिन हुडा कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं थे। इतना ही नहीं इससे पहले आए अफसरों ने भी पेंडिंग फाइलों की तरफ ध्यान नहीं दिया।
इससाल आई 1200: इससाल 1200 से अधिक फाइल पेंडिंग चल रही हैं। 2011 से लेकर 2013 तक पेंडिंग फाइलों की संख्या करीब 380 है। हुडा प्रशासक का प्रयास है कि 2015 शुरू होने से पहले हुडा पेंडिंग फाइलों को निपटा दें।
मचीखलबली
हुडाप्रशासक के एक माह के अल्टीमेटम के बाद हुडा में खलबली मची हुई है। सभी कर्मचारी अपनी-अपनी फाइलों को निकालने में लगे हुए हैं। रोजाना 50 से अधिक फाइलों को निपटाया जा रहा है। अहम बात तो यह है कि उपभोक्ताओं को फोन अधूरे कागज मंगाए जा रहे हैं।
^ अब जरूरी हो गया है कि सरकारी महकमों की छवि को सुधारा जाए। इसलिए मेरी कोशिश है कि जिसका जो काम है, वह उसको ठीक प्रकार से करे। जिसके पास फाइल आई है, वह उसको तत्काल पास कर दे। इसलिए एक माह का समय दिया है। एक माह बाद वह सख्त कार्रवाई करेंगे। पीसीमीणा, हुडाप्रशासक