जमा हरियाणवी संस्कृति का रंग
सूरजकुंड मेले में चाैपाल पर हरियाणवी संस्कृति के रंग दिखाई दिए। मेले में हरियाणा दिवस मनाया गया। इसमें हरियाणा के सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी गंई। कार्यक्रम में हरियाणा की विरासत समद्ध संस्कृति को रंगारंग कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। रंगारंग कार्यक्रम में पहले हरियाणवी कलाकारों ने खिलाड़ियों द्वारा खेल उपलब्धियां सेना में सैनिकों के जौहर की गाथा को दिखाया गया। इसके बाद हरियाणा जहां दूध दही का खाणा से लेकर मेरा रंग दे बंसती चोला गीतों पर कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों को देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। इसके बाद कलाकारों ने रागिनी का रंग किस्से की प्रस्तुतियां दीं। इसमें हरियाणा की समृद्ध विरासत के साथ-साथ हरियाणवी कलाकारों ने और संगीतकारों ने अपने परंपरागत वाद्ययंत्रों से समां बांध दिया। हरियाणवी कलाकारों ने हरियाणा की माटी को झुककर करो सलाम हर की बोली हरियाणा में और हर दिन धरती जहां श्री कृष्ण ने दिया गीता का ज्ञान….जैसे गीतों पर दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान 1857 के संघर्ष की गाथा को भी पेश किया गया। इसमें कलाकारों ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं। वहीं हरियाणा की महिला भी लक्ष्मी बाई से कम नहीं दिखाई जिसमें कल्पना चावला और सायना नेहवाल और राज्य की अन्य महिला खिलाड़ियों को रंगारंग कार्यक्रम के माध्यम से दर्शकों के बीच प्रदर्शित किया गया। इसके बाद कार्यक्रम में महिला सशकितकरण को दर्शाया गया।
इसमें लड़की की महत्ता को दर्शाया गया और भ्रूणहत्या पर एक एक नाटक का मंचन किया गया। इसमें दर्शकों ने कलाकारों की खूब प्रशंसा की।
सूरजकुंड मेला स्थित नाट्यशाला में हरियाणा के कलाकारों संग हरियाणवी गीतों पर पर्यटकों ने जमकर ठुमके लगाए।