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डबल मर्डर के आरोपी भूमिगत पुलिस टीमें कर रहीं छापेमारी
घरौड़ागांव में मंगलवार को हुए डबल मर्डर के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए बदरपुर बॉर्डर, सीआईए बल्लभगढ़ के अलावा कुल पांच टीमें छापेमारी कर रही हैं। मुख्य रूप से सीआईए बॉर्डर बल्लभगढ़ को इस मामले के लिए नियुक्त किया है। इसके अलावा थाना छायंसा पुलिस भी सीआईए की टीमों का सहयोग करेगी। पुलिस कमिश्नर सुभाष यादव मामले की जानकारी ले रहे हैं। इस मामले के सुपरविजन की जिम्मेदारी एसीपी क्राइम को सौंपी गई है। उधर, मर्डर के बाद बदरौला घरौड़ा गांव में मातम है।
पुलिसके लिए पेचीदा है मामला
अभीयह मामला पुलिस के लिए पेचीदा बना हुआ है। 22 अगस्त 2013 को हुए शशि मर्डर के बाद उसके दो भाई जीते उर्फ जितेंद्र सत्ते इस केस के गवाह हैं। इस केस में जीते की गवाही पूरी हो चुकी थी। इसलिए इस केस के प्रभावित होने की आशंका काफी कम है। ऐसे में पुलिस को यह समझ में नहीं रहा है कि यह मर्डर क्यों किया गया। इसके लिए पुलिस की टीमें परिजनों और ग्रामीणों से भी बात कर रही हैं।
अरेस्टके बाद खुलेगा मर्डर का राज
आरोपियोंकी गिरफ्तारी के बाद ही अब इस मामले का खुलासा होगा। आरोपियों से पूछताछ के बाद पता लगेगा कि यह मर्डर किसने और क्यों कराया है। परिजनों के अनुसार अभी मामला रंजिशन बताया जा रहा है। मर्डर के बाद मामले में नामजद आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
कीचड़में फंसा था पांव
बदरौलागांव में रहने वाले सतपाल उर्फ सत्ते ने बताया कि 10 फरवरी को वह और उसका भाई जीते उर्फ जितेंद्र घरौड़ा गांव में केबल ठीक करने गए थे। तभी वहां कल्लू उर्फ श्योराज गया। कल्लू की वहीं दुकान है। इसी दौरान वहां छह हथियारबंद बदमाश धमके। इनमें अल्लीपुर निवासी ब्रह्मजीत, मुजेड़ी निवासी राजबीर, इनके बेटे सुंदर, अनिल, एक युवक मांगर एक शाहबाद का था। इनके हाथ में पिस्टल माउजर थी। हमलावरों ने उनके छोटे भाई जितेंद्र पर गोली चला दी।
कल्लू ने उनके भाई जितेंद्र को बचाने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उसे भी गोली मार दी। उनका भाई भागते हुए एक कीचड़ में फंस गया। आगे रास्ता भी बंद था। इससे भाई रुक गया। इसके बाद हमलावरों ने उसके भाई को कई गोली मारी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तीन हमलावर रायपुरकला निवासी सतपाल की बाइक को लूटकर फरार हो गए।
^ मामले की जांच सीआईए की टीमें कई कर रही हैं। इन टीमों को एसीपी क्राइम लीड कर रहे हैं। परिजनों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर जरूरी हुआ तो पुलिस उन्हें सुरक्षा देगी। मैं खुद मामले की जानकारी ले रहा हूं। -सुभाषयादव, सीपी।