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चुनाव और नवरात्र से फूलों के रेट में उछाल

7 वर्ष पहले
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विधानसभाचुनाव और नवरात्र के चलते फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। मांग की अपेक्षा फूलों की आवक कम होने से विक्रेता दिल्ली से फूल मंगा रहे हैं। फूलों की पैदावार कम होने, चुनाव दुर्गा पूजन को देखते हुए दिल्ली मंडी से फूल मंगाए जा रहे हैं। साथ ही एनसीआर के कई अन्य शहरों से भी फूलों की सप्लाई शहर में हो रही है। बाहर से फूलों की आवक होने से फूलों के दामों में भी भारी इजाफा हो गया है। लेकिन प्रत्याशियों के समर्थक किसी भी कीमत पर फूल मालाएं खरीदने के लिए तैयार हैं।

मांगबढ़ने से बढ़ गए रेट: फूलविक्रेताओं के मुताबिक चुनाव के साथ ही फूल मालाओं के बाजार में भी रौनक आनी शुरू हो गई है। जिले में फूल मालाओं की औसतन प्रतिदिन 1000 से 1500 मालाओं की बिक्री हो रही है। इसमें गेंदों के फूल से बनी माला की बिक्री अधिक है। इसके अलावा गुलाब के फूलों की मालाओं की बिक्री में भी उछाल आया है।

दिल्लीसे रहे हैं फूल : फरीदाबादमें चुनाव के चलते गेंदे के फूलों की मांग बढ़ गई है। दिल्ली आसपास के क्षेत्रों से गेंदे गुलाब के फूल विशेष रूप से मंगाए जा रहे हैं। हालांकि फरीदाबाद में भी फूलों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है लेकिन मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फरीदाबाद में गेंदा, गुलदाउदी, रजनीगंधा, गुलाब आदि फूलों की खेती किसान बड़े पैमाने पर करते हैं।

मुंहमांगीकीमत पर बिक रहे

चुनावके चलते नेताओं के समर्थक किसी भी कीमत पर फूल मालाएं खरीदने के लिए तैयार हैं। प्रत्याशियों द्वारा नामांकन के दौरान निकाले जाने वाले जुलूस के दौरान यह बात विशेष रूप से देखने को मिली। एक नेता के समर्थक के अनुसार मजबूरी में उन्हें महंगे फूलों की मालाएं खरीदनी पड़ रही हैं। जो माला आम दिनों में पांच से दस रुपए में मिल जाती है, वही माला 30 रुपए में मिल रही है।

गेंदे के फूलों की मांग बढ़ी

फूलोंका उत्पादन करने वाले दयालपुर गांव के किसान सोमदेव का कहना है कि एक सप्ताह से अचानक फूलों की मांग बढ़ गई है। फूल विक्रेताओं के ढेरों आर्डर मिल रहे हैं। लेकिन पैदावार ज्यादा होने से फूल विक्रेताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे विक्रेता भी परेशान हैं। किसान सूरजभान के अनुसार पिछले सप्ताह से फूलों की डिमांड बढ़ गई है, खासकर गेंदे के फूलों की। उन्होंने बताया कि गेंदे का फूल अभी तक 50 रुपए किलो बेचा जा रहा था, वही अब 100 रु