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प्रदेश में पांच डायग्नोस्टिक लैब का प्रस्ताव खारिज
चंडीगढ़में हुई बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) प्रबंधन को जहां कई सौगात मिली हैं, वही बड़ा झटका भी लगा है। लुवास की तरफ से प्रदेश के पांच जिलों में सात-सात करोड़ की लागत से डायग्नोस्टिक लैब के प्रस्तावों को बोर्ड मैंबर ने सिरे से खारिज कर दिया।
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की दो दिन पूर्व चंडीगढ़ में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक हुई थी। इस बैठक में लुवास की प्रबंधन की तरफ से कई प्रस्ताव दिए गए थे, इनमें से अधिकतर को बोर्ड मैंबर के सदस्यों ने सहमति के बाद उन्हें स्वीकृति दे दी, लेकिन बोर्ड बैठक में प्रबंधन को एक बड़ा झटका भी लगा है। दरअसल, लुवास प्रबंधन काफी समय से प्रदेश के पांच शहरों में डायग्नोस्टिक लैब खोलने के मूड में था। इसके लिए लुवास ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया था। एक लैब के निर्माण का अनुमानित बजट सात करोड़ रुपए रखा गया था। लुवास प्रबंधन ने बोर्ड के सामने अपना प्रस्ताव रखा, जिसे बोर्ड मेंबर ने सिरे से खारिज कर दिया। पांचों लैब का कुल खर्च 35 करोड़ रुपए बैठ रहा है। सूत्रों की मानें तो सरकार के पास अभी धन की कमी है। इसीलिए बोर्ड मैंबर ने लैब के प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया। लुवास प्रबंधन की अभी तक प्रदेश में इस तरह की दो ही लैब है। एक लैब लुवास विश्वविद्यालय के अंदर और दूसरी करनाल में स्थित है। प्रस्ताव में दर्शाया गया था कि करनाल लैब को अच्छे तरीके से डवलप किया जाएगा, जबकि अंबाला, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद और सिरसा में चार नई लैब बनाई जाए।
^प्रदेश में पांच नई डायग्नोस्टिक लैब के निर्माण के लिए बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। -डॉ.प्रदीप कुमार, रजिस्ट्रार लुवास