स्कूल परीक्षा सिर पर 94 गुरुजी टर्मिनेट
-बर्खास्तगी के खिलाफ अतिथि अध्यापकों ने खोला मोर्चा। कोर्ट का खटखटाया दरवाजा। शिक्षामंत्री से मुलाकात कर सुनाया दुखड़ा।
भास्करन्यूज | फरीदाबाद
परीक्षासिर पर है और जिले के 94 अतिथि अध्यापक टर्मिनेट कर दिए गए हैं। इसका असर बच्चों की तैयारियों पर पड़ना निश्चित है। उधर अतिथि अध्यापकों ने बर्खास्तगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सेक्टर-28 स्थित केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास के सामने उनका धरना दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा।
खटखटायाकोर्ट का दरवाजा
बर्खास्तगीके खिलाफ अतिथि अध्यापक संघ ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अतिथि अध्यापकों ने हाईकोर्ट में केस दायर किया है। इस पर अब अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। मनमाने तरीके से बर्खास्तगी करने का आरोप संघ ने लगाया है। सभी कागजी कार्रवाई ठीक होने के बाद बड़ी संख्या में इस श्रेणी के अध्यापकों के साथ अन्याय किया गया है।
चूल्हा-चौकाहो जाएगा बंद
जिनअतिथि अध्यापकों को बर्खास्त किया गया है। उनके सामने रोजी-रोटी परिवार को पालने की समस्या सामने गई है। अतिथि अध्यापकों के अनुसार अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा हम क्यों भुगतें। अन्याय के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
दूसरेदिन भी धरना जारी
गुरुवारको बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की कोठी पर इकट्ठा हुए। इसकी अध्यक्षता नेत्रपाल ने की। इसमें रोष प्रदर्शन किया गया। संघ ने कहा कि यदि सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। किसी भी अनहोनी के लिए सरकार स्वयं जिम्मेदर होगी। धरने में भागीरथ, विनोद, प्रदीप, राज कुमार, नरेंद्र, मिथलेश, अंजुला, मोनिका, विवेक, आशा, रेखा सहित बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक उपस्थित थे।
अन्यपर लटकी है तलवार
बचेहुए अतिथि अध्यापकों पर तलवार लटकी हुई है। अतिथि अध्यापकों को हटाने का आदेश दिया गया था। पूर्व की सरकार ने 322 दिनों की मोहलत मांगी थी। इसे बीते हुए कई दिन हो चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार अब सरकार बचे हुए अतिथि अध्यापकों के भविष्य पर भी शीघ्र फैसला कर सकती है।
शिक्षामंत्रीसे लगाई गुहार
-चंडीगढ़में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अतिथि अध्यापकों ने शिक्षामंत्री प्रोफेसर राम विलास शर्मा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष रघुनाथ शास्त्री ने कहा कि बर्खास्तगी कर उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने अपना दुखड़ा शिक्षामंत्री को सुनाया है।
पढ़ाईपर पड़ेगा असर
बड़ीसंख्या में स्कूलों में विभिन्न श्रेणी के पद खाली हैं। ऐसे में अतिथि अध्यापकों को बर्खास्त करने से स्कूलों में पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। शिक्षकों की कमी की वजह से ऐन परीक्षा के पहले हटाने का असर परिणाम पर भी पड़ सकता है।
^ अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। अधिकारियों के मनमाने रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा था। इतने साल काम करने के बाद एक ही झटके में सड़क पर कर दिया गया। नरेंद्रशास्त्री, बर्खास्त अतिथि अध्यापक
^अतिथि अध्यापक संघ बर्खास्त साथियों का साथ देगी। कइयों की उम्र अन्य नौकरी के लिए निकल चुकी है। सरकार को निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। सुंदरभड़ाना, कार्यकारिणी सदस्य, अतिथि अध्यापक संघ