कवियों ने बिखेरे कविताओं के रंग
सूरजकुंडमेले की चौपाल पर कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा ने कविताओं से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। सम्मेलन में जगदीश सूफी, हुक्का बिजनौरी, महेन्द्र शर्मा, दिलवर और यूसुफ भारद्वाज आदि कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों की खूब तालियां बटोरीं। सम्मेलन का उद्घाटन पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस ढिल्लों अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीके सिन्हा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। सम्मेलन की शुरुआत कवि सुरेन्द्र शर्मा ने की। उन्होंने हरियाणवी चुटकलों और किस्सों से समां बांध दिया। जगदीश सूफी ने भगत सिंह की फोटो नोटों पर होने का कविता के माध्यम से जिक्र किया। हुक्का बिजनौरी ने पति और प|ी की जिंदगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प|ी तुम मेरी जिंदगी हो, तुम बहुत खूबसूरत हो आदि पर अपना हास्य रंग प्रस्तुत किया। कवि महेन्द्र शर्मा ने हरियाणा के ताऊ के ऊपर अपने चुटकलों से रंग भरा। इसमें हरियाणवी ताऊ ट्रेन की टिकट और ट्रेन के बारे में कहते हैं कि टिकट भी पुरानी है तो ट्रेन कौन से शोरूम से निकाली है। इसी प्रकार उन्होंने अच्छे दिन आने वाले है पर कई व्यंग्य बाण चलाए। सम्मेलन में दिलवर ने ब्याह कराने को दिल करता है और मामी मामा पर अपनी पंजाबियत से व्यंग्य को रचा। इस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। इसी प्रकार दिलवर ने तू मेरे पूत हथ लांबी और कबूतर कबूतरी पर अच्छा खासा प्यार का रंग भरा। सम्मेलन में यूसुफ भारद्वाज ने लोगों को आनंद, मौज, मस्ती लेने का संदेश अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में दिया।
उन्होंने कहा, हरियाणा में तालियां बजाईं नहीं जातीं यहां तो लोग तालियां पीटा करते हैं। इसी प्रकार टेंशन फ्री होने का नुस्खा देते हुए उन्होंने कई आनंद लेने के तरीके अपने हास्य के माध्यम से बताए। डॉ. पूनिया ने भी कविताओं चुटकलों से लोगों का मनोरंजन किया। शर्मा ने तनाव को दूर करने का संदेश अपने हास्य अंदाज में दिया। और सोच को बड़ा करने नुस्खा दिया। जिससे देश का विकास हो। उनका कहना था कि देश का विकास राजा की सोच के अनुसार होता है अगर राजा बड़ा सोचेगा तो विकास और निर्माण भी उतना ही बड़ा होगा। उनका कहना था कि राजा का काम गरीब को दो रुपए किलो अनाज देना नहीं है बल्कि उसे 10 रुपए किलो अनाज लेने के लायक बनाना है।
अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में नाट्यशाला पर हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने अपनी प्रस्तुति से सभी को लोट-पोट कर दिया।