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बिजली कर्मियों को नियमित करने की मांग, सीएम को पत्र

7 वर्ष पहले
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ऑलहरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित नीति के तहत बिजली निगम के पात्र पार्ट टाइम कर्मचारियों को पक्का करने की आलोचना की है। यूनियन ने एक पत्र मुख्यमंत्री, बिजली निगमों के चेयरमैन बिजली निगमों के प्रबंध निदेशकों को लिखकर नाराजगी जाहिर की है। एक सप्ताह के अंदर पात्र पार्ट टाइम कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की गई है। यूनियन के महासचिव सुभाष लांबा, उपमहासचिव रमेशचंद सर्कल सचिव लज्जाराम ने कहा कि मुख्य सचिव हरियाणा सरकार द्वारा 17 जून 2014 को अधिसूचित रेगुलाइजेशन की नीति जारी कर 29 जुलाई 2011 में अधिसूचित नीति में संशोधन कर सभी विभागों, बोर्डों निगमों को आदेश जारी किए थे कि कर्मचारियों को तुरंत रेगुलर किया जाए। लेकिन जब निगम प्रबंधकों ने कोई कदम नहीं उठाया तो यूनियन ने यह मामला 22 अगस्त को निगमों के चेयरमैन देवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठाया।

बैठक में शीघ्र पात्र कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय हुआ। इसके बाद भी आज तक निगम प्रबंधकों ने एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया। इसके कारण कर्मचारियों में बेचैनी और प्रबंधकों के खिलाफ आक्रोश है। यूनियन ने लिखे पत्र में दोटूक शब्दों में प्रबंधकों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कर्मचारियों को पक्का नहीं किया तो यूनियन प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि डीएचबीवीएन में विभिन्न सर्कलों में 251 पार्ट टाइम कर्मचारी कार्यरत हैं। नेताओं ने बताया कि इतना ही नहीं निगम प्रबंधकों ने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए शिकायत केंद्रों पर तैनात 171 टेलीफोन ऑपरेटरों की 31 अगस्त के बाद सेवा विस्तार कर उनकी छंटनी कर दी है। निगम प्रबंधकों ने मात्र कुछ मिनट देरी से ड्यूटी पर आने के आरोप में दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी नौकरी से निकाल दिया है।

यूनियन ने निगम प्रबंधकों के इन तुगलकी फरमानों की कड़ी आलोचना करते हुए तुरंत नौकरी से निकाले गए ऑपरेटरों को वापस सेवा में लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि निगमों में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रिकवरी करने के बजाय निगम प्रबंधक निर्दोषों को फंसाने और दोषियों को बचाने की नीति के साथ-साथ कर्मचारियों की रोजी-रोटी छीनने पर आमादा है। इसका यूनियन कड़ा विरोध करेगी।