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प्रयास की मेहनत रंग लाई, 6000 बच्चे ले रहे तालीम
प्रयासवेलफेयर सोसायटी के फाउंडर चेयरमैन एमएल गुप्ता ने बताया कि कुछ साल पहले सुबह जब सड़क पर टहलने के लिए निकलता तो कुछ बच्चे रोज सिर पर एक बड़ी बोरी लादे कूड़ा बीनते हुए दिखाई देते। एक दिन मैंने उनसे पूछा…बेटा क्या आप लोग पढ़ना चाहते हो। यह सुनकर एक बच्चे की आंखों में आंसू आए। उसने कहा अंकल खाने के लिए तो पैसे नहीं पढ़ेंगे कहां से। इस सवाल ने कई दिन तक मुझे सोने नहीं दिया। अगले दिन अपने दो दोस्तों को फोन किया। उनसे बोला कि नौकरी तो बहुत कर ली अब अशिक्षा के साए में जी रहे इन बच्चों के लिए कुछ करना है। बस यहीं से शुरुआत बच्चों को शिक्षित करने की। तब हमने 15 बच्चों को एकजुट करके पढ़ाना शुरू किया था। लेकिन आज करीब 6000 बच्चे कूड़ा बीनना छोड़कर बेहतर तालीम हासिल कर रहे हैं। यह सब संभव हुआ प्रयास वेलफेयर सोसायटी के फाउंडर चेयरमैन एमएल गुप्ता प्रेसिडेंट जगत मदान की मेहनत से।
ऐसे शुरू हुआ सफर: एमएल गुप्ता अब काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। लेकिन अाज वे संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रयास सोसायटी का गठन किया। उन्होंने बताया कि अपने दोस्तों के साथ मिलकर इन बच्चों को शिक्षित करने की शुरुआत की। इस कार्य में जगत मदान पवन गुप्ता का जोड़ा। इसके बाद झुग्गी-झोपड़ी में जाकर ऐसे बच्चों को एकजुट किया। 20 सितंबर 1999 को 15 बच्चों के साथ इस सफर की शुरुआत की गई। सेक्टर-9 स्थित डीसी मॉडर्न स्कूल में दोपहर में इन बच्चों के लिए क्लास लगाई जाती थी। इसके बाद धीरे-धीरे बच्चों की यह संख्या बढ़ती गई।
60केंद्र में छह हजार बच्चे: सोसायटीके प्रेसीडेंट जगत मदान के अनुसार इस कार्य में अनेक कार्यकर्ता जुड़ते गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जोड़कर समाज सेवा के इस कार्य को नई गति दी। आज फरीदाबाद समेत कुरुक्षेत्र, पंचकूला, बिहार, पंजाब यूपी, शेषपेज 17 पर
चंड़ीगढ़समेत अलग-अलग जगहों पर प्रयास के 60 सेंटर चल रहे हैं। इसमें छह हजार से अधिक बच्चों को शिक्षित करने का काम किया जा रहा है।
मकसद आत्मनिर्भर बनाना: जगत मदान के अनुसार वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। इनमें महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई बुनाई का कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा करने पर उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाता है। उन्हें जॉब दिलाने में सहायता की जाती है। इसके अलावा बच्चों के लिए दसवीं पास करने के बाद ब्यूटीशियन, हाइटेक मशीनों पर गारमेंट्स डिजाइनिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, इंग्लिश स्पीकिंग, कंप्यूटर कोर्स, इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रिकल के कोर्स कराए जा रहे हैं।मदान ने कहा इस कार्य में शहर के औद्योगिक संगठन रोटरी क्लब का सराहनीय सहयोग रहा है। आज प्रयास के साथ 350 से अधिक कार्यकर्ता एकजुट होकर अशिक्षा के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं।
दोपहर बाद चलती है क्लास
जगतमदान ने कहा कि संस्था दोपहर बाद क्लास चलाती है। इसके लिए शहर के निजी स्कूल सहयोग करते हैं। इसमें निजी स्कूल अपनी क्लास के बाद दोपहर बाद अपना पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रयास को सौंप देते हैं। प्रयास की ओर से टीचर लगाए हुए हैं। अभी बच्चों को 10वीं कक्षा तक शिक्षित किया जाता है। इसके अलावा बच्चों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग की भी व्यवस्था है।
जगत मदान
प्रयास के सेंटर पर पढ़ते बच्चे।
एमएल गुप्ता