फैशन शो में रैंप पर मॉडल ने बिखेरे जलवे
सूरजकुंडमेले में आयोजित फैशन शो में एक तरफ रैंप पर माडल्स ने जलवे बिखेरे तो दूसरी तरफ गायक मास्टर सलीम ने अपनी स्वरलहरियों से सभी को दीवाना बना दिया। फैशन शो में थीम स्टेट छत्तीसगढ़ ने राज्य की हैंडलूम बुनकर स्टाइल पर आधारित फार्मल परंपरागत डिजाइन ड्रेस को मॉडल्स ने रैंप वॉक कर प्रस्तुत किया। फैशन शो का उद्घाटन हरियाणा पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की मुख्य प्रशासक सुमिता मिश्रा, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक संतोष मिश्रा, छत्तीसगढ़ हैंडलूम बोर्ड की प्रबंध निदेशक श्रुति सिंह, निफ्ट के प्रबंधक निदेशक प्रेम कुमार गेरा अन्य लोगों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। फैशन शो की शुरुआत संगीतमय गौर डांस से हुई। इस डांस में संगीत कलाकारों ने बस्तर के परंपरागत संगीत को बखूबी प्रस्तुत किया। इसके बाद छत्तीसगढ़ के डांसरों ने अपने राज्य की परंपरागत वेशभूषा को प्रस्तुत किया। फैशन शो में पहले राउंड में पश्चिमी परिधानों के कलेक्शन को दर्शाया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के परिधानों को वेस्टर्न टच भी दिया गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ की जड़ों से जुड़े हुए परिधानों को भी माडलों द्वारा बखूबी प्रस्तुत किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को भी दिखाया गया। फैशन शो में हाई लो ड्रेसेज, ट्यूनिक, ट्राउजर कोट को दर्शाया गया। फैशन शो में हम परंपरागत है और हम आधुनिक है की थीम पर माडलों द्वारा छत्तीसगढ़ के परिधानों को प्रदर्शित किया गया। फैशन शो में इंडियन साड़ी को दोबारा प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा कोसा सिल्क साड़ी, जो छत्तीसगढ़ की सुंदर साड़ियों में शुमार है, को भी युवा मॉडलों द्वारा बखूबी बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया गया। कोसा सिल्क साड़ी शादियों धार्मिक रीति रिवाजों के समय पर प्रयोग की जाती है। यह साड़ी देवानगन समुदाय के लोगों द्वारा तैयार की जाती है। यह दुनिया में श्रेष्ठ साड़ियों में शुमार है। फैशन शो के अंत में परंपरागत भारतीय कलेक्शन लहंगा-चोली सलवार-सूटों को भी दर्शाया गया। इसमें समृद्ध भारतीय संस्कृति को दिखाया गया।