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चुनाव सिर पर, कैसे होगी वीआईपी क्षेत्रों की सुरक्षा

7 वर्ष पहले
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विधानसभाचुनाव का बिगुल बज चुका है, इसके बावजूद सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। सोमवार दोपहर को डीसी दफ्तर के ठीक सामने एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा सुसाइड करने के मामले ने सबसे वीआईपी क्षेत्र की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय, तहसील कोर्ट की सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। यहां बरती जा रही लापरवाही किसी भी अधिकारी कर्मचारी पर भारी पड़ सकती है। अहम बात तो यह है कि डीसी दफ्तर के बाहर सीसीटीवी कैमरा ही नहीं है। इसके अलावा अधिकतर अधिकारियों के दफ्तरों के आगे लगे कैमरे चलते नहीं हैं। ऐसे में शरारती तत्वों की हरकतें कैद नहीं हो पाती।

कोर्टका हाल : सुबहसे शाम तक 1700 से अधिक वकील और 25 जज कोर्ट में रहते हैं। वकीलों के अनुसार अदालत में सुरक्षा के खोखले इंतजाम के कारण सभी वकीलों को अपनी जान का खतरा रहता है। जबकि यहां कुख्यात बदमाशों की पेशी पर उनसे मिलने के लिए इस किस्म के काफी बदमाश आते हैं। सुरक्षा में चूक के कारण कई बार अदालत से कैदी भाग चुके हैं। अदालत परिसर में वकीलों की सीटों का रात को भगवान ही रखवाला होता है। पूरे अदालत परिसर में एक भी बल्ब नहीं जलता है। वकीलों की सीटों के ऊपर लगे पंखे सहित अन्य सामान भी चोरी होते रहते हैं। सुरक्षा के लिहाज से अदालत के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर डोर शोपीस बने हुए हैं।

लघुसचिवालय का हाल : जिलेमें अधिकारियों का मुख्यालय माने जाने वाले लघु सचिवालय में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यहां मेटल डिटेक्टर डोर है ही नहीं। शेषपेज 15 पर







इसकेअलावा डीसी सहित अन्य अधिकारियों से मिलने जाने वालों की चेकिंग भी नहीं होती। लघु सचिवालय की छह मंजिला इमारत में सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। इसके अलावा लघु सचिवालय के मेन गेट पर पुलिसकर्मी इधर-उधर बैठे रहते हैं और किसी भी आने जाने वाले से पूछताछ नहीं होती। मुख्य बात तो यह है कि डीसी, डीसीपी सेंट्रल सहित अन्य अधिकारियों के दफ्तर के बाहर कैमरे शोपीस बने हैं।

तहसील का हाल

तहसील में भी सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं है। यहां हर समय काफी भीड़ रहती है। एसडीएम, तहसीलदार आरडीओ सहित अन्य अधिकारी तहसील में बैठते हैं। यहां एसडीएम के गनमैन के अलावा और कोई पुलिसकर्मी सुरक्षा में नहीं रहते, जबकि यहां आए दिन हंगामा हाथापाई होती रहती है।

^जिले के मुख्य