डीसी दफ्तर के बाहर गोली मार दी जान
सोमवारदोपहर करीब 12.50 बजे सेक्टर-12 स्थित डीसी दफ्तर के बाहर बड़ोली गांव निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर (58 साल) ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनके पास अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर थी। गोली की आवाज से समूचे प्रशासन में हडक़ंप मच गया। सूचना मिलते ही डीसीपी, एसीपी, एसएचओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और शव को बीके अस्पताल ले गए।
एसएचओसहित तीन पर एफआईआर
परिजनोंने इस हादसे का जिम्मेदार सेंट्रल थाना एसएचओ मुकेश कुमार सहित शिव कुमार डागर रामप्रकाश को बताया। शिव कुमार डागर इरिगेशन डिपार्टमेंट में एसडीओ हैं। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। इसके बाद डीसीपी सेंट्रल सुमित कुमार ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बाद में एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया। शाम को शव का पोस्टमार्टम हुआ। उधर बीके अस्पताल में मोरचरी के बाहर परिजनों ने एसीपी सेंट्रल जयवीर राठी के साथ हाथापाई भी की। बाद में भारी पुलिसबल बुलाया गया और किसी तरह मामला शांत हुआ।
बेटाहै पुलिस में हवलदार
बड़ोलीगांव में रहने वाले अजिंद्र चंदीला ने बताया कि उनके चाचा वेदप्रकाश चंदीला प्रॉपर्टी डीलर हैं। इनका बेटा संजय तावडू, रेवाड़ी एसपी ऑफिस में हवलदार है। अजिंद्र का कहना है कि उनके चाचा बाइपास रोड पर अपनी जमीन में कमरे बना रहे थे। इन कमरों को एक व्यक्ति ने शिकायत देकर इरिगेशन डिपार्टमेंट पुलिस की मिलीभगत से तुड़वा दिया। इसके बाद कमरों को दोबारा बनाना शुरू कर दिया।
बाद में सेंट्रल थाना पुलिस ने उनके चाचा वेदप्रकाश चंदीला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। रविवार को भी उनके चाचा के कमरों को एसएचओ सेंट्रल मुकेश कुमार ने जाकर तुड़वा दिया। आरोप है कि उनके चाचा ने इसकी शिकायत कई बार सेंट्रल थाने में दी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। थाना सेंट्रल एसएचओ मुकेश कुमार आरोपियों का साथ दे रहे थे। एक आरोपी शिव कुमार डागर इरिगेशन डिपार्टमेंट में अधिकारी हैं। एसएचओ ने उनके चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनके चाचा के साथ लॉकअप में मारपीट की थी। इसके अलावा उनके चाचा को बेइज्जत भी किया था।
उनके चाचा सोमवार को डीसी ऑफिस में इस मामले की शिकायत देने आए थे। उन्होंने रामप्रकाश, इरिगेशन डिपार्टमेंट में अधिकारी शिव कुमार डागर एसएचओ सेंट्रल मुकेश कुमार के कारण यह कदम उठाया है। त