किन्नर समाज ने सुख-शांति के लिए निकाली कलश यात्रा
मंगलामुखीकिन्नर समाज ने सेक्टर-16 में चल रहे सम्मेलन के दौरान गुरुवार को देश में सुख शांति के लिए कलश यात्रा निकाली। यह गुर्जर भवन से चलकर सेक्टर-15 का चक्कर काटते हुए वापस गुर्जर भवन पहुंची। बैंडबाजे के साथ निकाली गई इस यात्रा में किन्नर समाज में दूरदराज से आए किन्नरों ने नृत्य के साथ मंगल गीत गाए। दिल्ली लक्ष्मीनगर से आईं किन्नर मुन्नी कहती हैं कि कलश यात्रा के पीछे पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार एक दिन एक गरीब माई (बुजुर्ग वंश) पीने के पानी के लिए कुम्हार के यहां से घड़ा मांगकर लाईं। अगली सुबह वह घड़ा सोने का हो गया। तब माई ने पूरे गांव के लिए दुआएं की। कहा, जिस तरह मेरा घड़ा सोने का हो गया है, उसी तरह पूरे गांव में सभी के घरों में सोना बरसे। जीवनचारा की रस्म पूरी होने के बाद कलश यात्रा निकाली जाती है, जो नगर, ग्राम की खुशहाली के लिए होती है। गांव, नगर और देश के लोगों के लिए मंगलकामना की जाती है। किन्नरों का सम्मेलन 13 फरवरी तक चलेगा।
फरीदाबाद. देशमें सुखशांति के लिए कलश यात्रा निकालते मंगला मुखी।