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भास्कर न्यूज|फरीदाबाद

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज|फरीदाबाद

वक्तके साथ मंगला मुखी किन्नर समाज ने भी शगुन लेने का पौराणिक रिवाज बदल दिया है। किन्नर अब बेटों के जन्म पर बधाई को भले ही मिस कर दें पर बेटी होने पर भी बधाई देने जरूर पहुंचते हैं। यह जानकारी बुधवार को पत्रकारवार्ता में अखिल भारतीय हिंदू किन्नर संत सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निक्की बाबा और बबली ठाकुर ने दी। ये दोनों अखिल भारतीय हिंदू किन्नर संत सभा के तत्वावधान में 13 फरवरी तक यहां चल रहे मंगला मुखी किन्नर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं।

संत सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निक्की बाबा ने कहा कि बताया कि वर्ष 2015 में दिल्ली में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में निर्णय लिया गया था कि बेटी को भी बेटा समझें। परंपरा के अनुसार बेटे की तरह बेटी की खुशी मनाएं। एक बार बेटे के जन्म पर शगुन लेने लेने भले ही पहुंचें लेकिन बेटी के जन्म पर शगुन लेने जरूर जाएं। इस निर्णय के बाद से बेटी के जन्म पर भी किन्नर समाज आशीर्वाद देने घर अब जरूर पहुंचता है। पत्रकारों ने सवाल किया कि बेटा या बेटी के जन्म पर जब किन्नर शगुन लेने पहुंचते हैं तो वहां जबर्दस्ती करते हैं और झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, ऐसा क्यों। इसके जवाब में दिल्ली से आए किन्नर चांदनी ने कहा कि झगड़े तो सभी घरों में होते हैं। नोकझोंक भी होती है। हम किसी की जेब से जबर्दस्ती शगुन नहीं मांगते। बहुत बार ऐसा भी होता है कि हम जितना शगुन लेते हैं, उससे ज्यादा बेटे या बेटी की झोली में डालकर आते हैं। सम्मेलन में मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा उनके पति अश्विनी त्रिखा भी मौजूद थे। उन्होंने जजमान के रूप में आए किन्नर समाज को भोज देकर उन्हें गिफ्ट प्रदान किए। सम्मेलन के आयोजक संत सभा के राष्ट्रीय प्रभारी बबली ठाकुर उनके पुत्र लक्षमन वर्मा ने बताया कि राष्ट्र मंगल और राष्ट्र को सशक्त कराने की दुआएं की जा रही हैं। रोज यज्ञ होता है। इसमें मंगला मुखी समाज मंगल कामना ही करता है।

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