भास्कर न्यूज| फरीदाबाद
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अरावलीकी पहाड़ियों में अाबाद हुआ अंतरराष्ट्रीय शिल्पग्राम केवल घूमने-फिरने तक ही सीमित नहीं है। स्कूली बच्चों को शैक्षणिक ज्ञान का नया पाठ इस शिल्पग्राम से स्कूली बच्चों को प्राप्त हो रहा है। मेला प्रशासन ने विभिन्न संस्कृतियों के ज्ञान को बांटने के लिए विशेष व्यवस्था भी स्कूली बच्चों के लिए की है। 200 से अधिक स्कूल अभी तक यहां ज्ञान लेने के उद्देश्य से भ्रमण कर चुके हैं। 100 स्कूलों को इस हफ्ते में आने की परमिशन दी जा चुकी है। जबकि 150 स्कूलों की अर्जी मेला प्रशासन की मंजूरी के लिए पेंडिंग पढ़ी हुई हैं। मेला प्राधिकरण की ओर से स्कूली बच्चों को सजे इस शिल्ग्राम मेले में हरियाणा शिक्षा निदेशालय के शैक्षिण भ्रमण अनिवार्य करने के तहत मुफ्त प्रवेश दिया जा रहा है। इसके तहत ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से स्कूल यहां पर अपने बच्चों को विभिन्न संस्कृति का पाठ पढ़ाने के तहत यहां पर ला रहे हैं।
बच्चोंकी भीड़ उमड़ती है
30वेंअंतरराष्ट्रीय मेले में सोमवार से शुक्रवार तक स्कूली ग्रुपों का जमघट भी लगा रहता है। इस सोमवार को भी काफी अधिक संख्या स्कूली बच्चों की शैक्षणिक ज्ञान के तहत मेले में देखी गई। शनिवार-रविवार को भारी भीड़ की वजह से स्कूलों के आने पर मनाही है। इस मेले में गुड़गांव, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत और एनसीआर से बड़ी तादाद में स्कूलों ने शिरकत की है।
ऐसेकरते हैं स्कूल शिरकत
हरियाणानिदेशालय द्वारा साल में एक बार इस प्रकार का शैक्षणिक भ्रमण स्कूली बच्चों के लिए अनिवार्य किया गया है। इसके लिए स्कूल प्रबंधकों को करीब 8 रुपए की राशि मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा रिफ्रेशमेंट का खर्च 1500 रुपए अलग से।
100 किलोमीटर के दायरे में यह भ्रमण कराना होगा। एक दिन का होगा भ्रमण और शाम को घर वापसी। पर्यटन और एेतिहािसक स्थल टूर में रहने चाहिए शामिल। नौवीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स इसमें शामिल करने का नियम। हरियाणा रोडवेज की सेवाएं इसके लिए स्कूलों को दी जा रहीं।