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भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

30वेंअंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में अभी तक मेला चौपाल पर ही कार्यक्रमों की बयार देखने को मिल रही है। लेकिन इस नए हफ्ते में थीम स्टेट तेलंगाना मेला परिसर को भी रोशन करता नज़र आएगा। शाम 4 बजे अब रोज कार्निवाल की तर्ज पर परेड निकाल तेलंगाना के कलाकार अपने कार्यक्रमों से मेला परिसर में लोगों को रिझाएंगे।

कार्निवालमें ये दिखेंगे डांस

कोम्यूकोया,रोकू-डोलू, गोंड डांस, मोनालू, बटकम्मा, डफलू, मनेल मैटल (12 सीढ़ियां), तोलू बम्बालू, लंबार्डी, चिंदू भागवतम, कोलाटम। इसमें से अधिकतर डांस तो मेला चौपाल पर दिखाए जा चुके हैं। लेकिन इसमें कुछ नए डांस कार्निवाल में सबसे पहले प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके बाद इनका आयोजन मेला चौपाल पर होगा।

येडांस नए

कोलाटम-करीम नगर जिले से आए कलाकार इस डांस की प्रस्तुति थीम स्टेट तेलंगाना की आेर से करेंगे। 12 कलाकार इसे पेश करेंगे। यह एक प्रकार से गुजरात के डांडिया की तरह का ही डांस है। इसे वहां किसान अपनी दिनचर्या की थकान उतरने के तहत शाम को मिलकर करते हैं। कोल्ल यानि दो डंडे द्वारा ही यह डांस डांडिया की तरह ही किया जाता है। यहां पर इस डांस को सारी महिलाएं पेश करेंगी।

मोनालू: श्रावणमास में मां की पूजा में इस डांस को अर्पण भाव से किया जाता है। इच्छा पूर्ति के बाद मां को जब गुड़ चावल चढ़ाते हैं। उसके बाद ही तेलंगाना में इस डांस को किया जाता है।

तोलूबम्बालू : कठपुतलियोंका खेल सभी को पसंद है। तेलंगाना के ही कलाकार कठपुतलियों के इस डांस को लेकर यहां पर पहली बार रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि यह पपेट लेदर के बने होते हैं कि कपड़ों के। इसलिए लैदर पपेट शो भी इसको बोला जाता है।

मनेलमैटलू : तारकी तरह के वाद्ययंत्र को गाते बजाते इस डांस की प्रस्तुति दी जाती है। यह एक प्रकार से सीढ़ियों की भाति ही वाद्ययंत्र होता है। तंत्र वाद्ययंत्र भी इसे कहते हैं। 12 सीढ़ियां भी इसे बोला जाता है। एक ही कलाकार इसे प्रस्तुत करता है।

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