राजस्थान का चक्री डांस
झारखंड का छऊ नृत्य
शिल्प लोककला का कुंभ
गीत-संगीत पर पर्यटकों ने खूब ठुमके लगाए
30वेंसूरजकुंड मेले के 10वें दिन करीब 35 हजार दर्शकों ने मेले का लुत्फ उठाया। शिल्प लोक कला के इस कुंभ में मानो सभी खो जाने को तैयार हों। गीत-संगीत पर खूब ठुमके लगे। मुख्य छोटी चौपाल पर वंस मोर-वंस मोर का शोर गूंजता रहा।
छऊनृत्य के माध्यम से माता की आराधना की
झारखंडसे आए कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्हें असत्य पर सत्य के विजय का मंचन किया। एक दर्जन से अधिक कलाकार मां दुर्गा, महिषासुर, शेर और राक्षस आदि के मुखौटे पहन अपनी नृत्य कौशल के माध्यम से राक्षसों के वध का दृश्य दिखाया।
इसे देख पर्यटकों के रोंगटे खड़े हो गए। इसके बाद पंजाब के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से सभी को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। भंगड़ा नृत्य पर सभी झूमते रहे। राजस्थान के कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए पर्यटक बेताब थे। कालबेलिया नृत्य ने सभी को रोमांचित कर दिया। चक्री नृत्य में कलाकारों की तेजी देख सभी दंग थे। इसके उपरांत विदेशी कलाकारों ने रंग जमाया। कांगो, थाइलैंड आदि के कलाकारों की प्रस्तुति ने भी सभी काे मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य चौपाल पर जीवा और आर्य विद्या मंदिर के छात्रों ने प्रस्तुति दी। जीवा स्कूल के छात्रों ने गांव शहरों के बीच के अंतर को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। आर्य विद्या मंदिर के हरियाणवी का रंग जमाया।
छात्रोंने विभिन्न स्पार्धाओं में लिया हिस्सा
विद्यासागरइंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। फोक डांस में छात्रों की प्रस्तुति सराहनीय रही। डायरेक्टर दीपक यादव ने बताया कि मेले में भाग लेने से रचनात्मक करने की प्रेरणा मिलती है। छात्रों ने फोक डांस के अन्य प्रतियोिगताओं में भी हिस्सा लिया। मेहंदी प्रतियोगिता में 11 स्कूलों के 190 छात्रों ने भाग लिया। फर्स्ट प्राइज आर्य विद्या मंदिर मिल्क प्लांट रोड बल्लभगढ़ की सपना डिंपल को मिला। यशिका वर्मा को दूसरा पुरस्कार मिला। परमजीत रितिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मेनका, खुशबू, रिया, महिमा, केशव, विशाल, सरिता नीतू को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वृंदावन के कलाकरों ने मचाया धमाल
सूरजकुंडमेले में मुख्य चौपाल पर मयूर नृत्य की प्रस्तुति ने एक बार फिर मेला परिसर में मोर की गुंज से चहक उठा। उत्तरप्रदेश के वृंदावन से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
मुख्य चौपाल पर हिमाचल के सिरमोरी नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार। इसे देख दर्शक झूम उठे।
दसवें दिन रही छऊ और भांगड़ा की धूम। दोनों चौपाल पर जमा रंग। स्कूली छात्रों ने भी किया प्रदर्शन।