अब पीजीआई से भी मरीज लेकर आएगी एंबुलेंस
सिविलअस्पताल बीके की एंबुलेंस अब पीजीआई से खाली वापस नहीं आएगी। मरीज को छोड़ने के बाद लौटते समय एंबुलेंस मरीज को लेकर आना पड़ेगा। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कई गंभीर बीमारियों का इलाज सिविल अस्पताल में उपलब्ध हाेने से यहां से मरीजों को पीजीआई रेफर किया जाता है। एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस खाली आती थी। इससे विभाग का काफी नुकसान होता था। लेकिन अब एंबुलेंस वापस आते समय मरीज को लेकर आएगी। बदले में मरीज से इसका चार्ज लिया जाएगा।
वापसआने पर लिया जाएगा चार्ज
सरकारकी तरफ से डिलीवरी, सड़क दुर्घटना, लाइफ सेविंग, पूर्व सैनिकों सहित अन्य कई मामलों में फ्री एंबुलेंस सेवा दी जाती है। कई बीमारियों के इलाज की सुविधा सिविल अस्पताल में नहीं होने पर दिल्ली सहित पीजीआई रोहतक, चंडीगढ़, पंचकूला रेफर किया जाता है। इलाज के बाद वापस आने पर अब मरीज से प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी सिविल अस्पतालों को आदेश जारी कर दिए हैं। इन अस्पतालों में मरीजों को छोड़ने के बाद एंबुलेंस खाली आती है। इससे विभाग को नुकसान झेलना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा। रेफरल केसों को छोड़ने के बाद उपचार करा चुके मरीज को एंबुलेंस वहां से लेकर भी आएगी। इसकी एवज में मरीज से सात रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा।
यदि कोई एंबुलेंस पीजीआई अस्पताल लेकर जाती है। वहां किसी मरीज का इलाज पूरा हो गया है। उसे वापस आना है, तो वह 102 नंबर कॉल करके बुक करा सकता है। वापस आते समय मरीज से संपर्क करेगी और उसे वापस ले आएगी। 102 कंट्रोल रूम के इंचार्ज हरकेश डागर के अनुसार इस संबंध में एक लेटर प्राप्त हुआ है। इसे लागू करने के लिए सभी एंबुलेंस चालकों को सूचना भी दे गई है। अभी तक एंबुलेंस खाली आती थी, लेकिन अब मरीज को वापस लेकर आएगी।