फरीदाबाद . कहते हैं जब कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो आदमी कागज को भी सोना बना देता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया अमित कुमार ने। इन्होंने बेकार पेपर को अपने जीने का जरिया बनया। उससे घरेलू उपयोग में रोज प्रयोग की जाने वाली चीजें बनाते हैं।
बेकार पेपर से संवार सकते हैं किस्मत : मेला परिसर के स्टॉल-581 ऐसे पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। जो आर्ट और पेपर से बने सामानों के शौकीन हैं। स्टॉल के संचालक अमित कुमार बताते हैं कि वे बेकार पड़े पेपर और अखबार को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर उससे घर में रोज उपयोग में लाए जाने वाला सामान बनाते हैं। उनके स्टॉल पर बच्चों के खिलौने, डस्टबीन, ट्रे, पेन स्टैंड से घरेलू उपयोग के सारे सामान उपलब्ध है। यहां आपको दस हजार तक का सामान उपलब्ध है। अमित कहते हैं कि इस कला को पेपर मेसी आर्ट कहते हैं।
उन्होंने कभी तक 50 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार दे चुके हैं। महिलाओं द्वारा बनाए गए सामान को वे खुद खरीदते हैं। इसके बाद फिर बेचते हैं। खुद भी पेपर मेसी आर्ट के कलाकार हैं। वे मेले में तीसरी बार आए हैं।
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