फरीदाबाद. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले का भ्रमण किया। इस मौके पर उनका अंदाज निराला था। तेलंगाना के शिल्पकार द्वारा दी गई फूलों की थाली को सिर पर रख लिया। वहीं उन्होंने पगड़ी बंधवानी भी नहीं भूलीं। तेलंगाना में लोग बुलाते है चिन्नमा
-सुषमा ने कहा तेलंगाना के लोग उन्हें चिन्नमा कहकर पुकारते हैं।
-वे हरियाणा की बेटी हैं तो तेलंगाना की मौसी।
-इस प्रकार थीम स्टेट तेलंगाना से उनका खास नाता बन गया है।
-उन्होंने कहा हरियाणा अौर तेलंगाना में के बीच अनूठी समानता है।
-विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 14 फरवरी को जन्म दिन भी है।
-सुषमा स्वराज मूलत: हरियाणा की अंबाला से हैं।
-बचपन में उन्हें उनके नानी-नाना ने गोद ले लिया था।
रोम के साथ हैं खून का संबंध: उन्होंने कहा पांचवीं सदी में भारत से गए लोग (गाड़ी लुहार) रोमवासी हैं। जिन्हें सिकंदर और गजनी हिंदुस्तान से ले गए थे। रोम के साथ भारतीयों का खून का संबंध है। उन्होंने कहा रूस से निकले देशों में इंडियन कल्चर के प्रति विशेष भाव और प्रेम है।
मिस्र को कंट्री पार्टनर बनने का न्योता: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2017 मेले का कंट्री पार्टनर बनने का न्योता मिस्र को दिया। आग्रह किया कि सूरजकुंड में मिस्र अपने स्टॉलों को पिरामिड के रूप में स्थापित करे। साथ ही उन्होंने थीम स्टेट तेलंगाना के जन्म में अहम भूमिका निभाने की बात कही।
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