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ऐसा ग्लब बनाया जिसे पहन नेत्रहीन बिना ब्रेल लिपि के पढ़ सकते हैं

फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग, गुगल के लैरी पेज, सेरगे ब्रिन और सैनिक कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय रूपम शर्मा में एक समानता है।

Dainik Bhaskar

Aug 15, 2016, 05:50 AM IST
ऐसा ग्लब बनाया जिसे पहन नेत्रहीन बिना ब्रेल लिपि के पढ़ सकते हैं
फरीदाबाद. फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग, गुगल के लैरी पेज, सेरगे ब्रिन और सैनिक कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय रूपम शर्मा में एक समानता है। भले ही यह आश्चर्यचकित लगे। लेकिन यह सत्य है। इन तीनों की तरह रूपम दुनिया में ब्रिलिएंट टेक माइंड के लिए दिए जाने वाले अमेिरकी संस्थान एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। दुनिया के ये पहले सबसे कम उम्र के छात्र हैं। जो यह पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार इसी साल 2016 में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मिला।
सूरजकुंड रोड स्थित मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के बीटेक कंप्यूटर साइंस के अंतिम वर्ष के छात्र शर्मा ने ऐसा ग्लब तैयार किया है। जो नेत्रहीन लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है। यह गल्व अंधे लोग अपनी दायीं हाथ में पहनकर बिना ब्रेल लिपि के शब्दों को पढ़ सकते हैं। इतना ही नहीं बिना स्टिक के चल-फिर सकते हैं। साथ ही स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इनोवेशन को अमेरिका के एमआईटी टेक्नोलॉजी रेव्यू ने इंडिया टॉप इनोवेटर्स अंडर-35 के श्रेणी में चुना। पुरस्कार ब्रिलिएंट टेक माइंड की श्रेणी में दिया गया। कमाल की बात यह है कि इस श्रेणी में अमेरिका की इस संस्था ने फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, गुगल फाउंडर लैरी पेज और सेरगे ब्रिन को जब पुरस्कार दिया था तो वे अपना स्टार्ट अप कर चुके थे।
इस प्रोजेक्ट में इनके साथी नीरज सैनी ने भी सहयोग दिया था। एक साल की मेहनत के बाद रूपम ने इसे तैयार किया था। इसे मेनोव्यू नाम दिया। मेनो एक स्पेनिश शब्द होता है। व्यू एक फ्रेंच शब्द है। अर्थ दृश्य होता है। मेनोव्यू अंधों के लिए वरदान से कम नहीं है।
ऐसा ग्लब बनाया जिसे पहन नेत्रहीन बिना ब्रेल लिपि के पढ़ सकते हैं
ऐसे आया दिमाग में आइडिया
 
 
रूपम एक प्रोजेक्ट पर कलर ब्लाइंडनेस पर काम कर रहे थे। इस सिलसिले में वे अंधे बच्चों के स्कूल जाते। दिल्ली के आर के पुरम स्थित स्कूल में लगातार 15 दिन तक गए। उन्होंने महसूस किया कि वे ब्रेल लिपि को छोड़ दिया जाए तो वे कुछ पढ़ नहीं सकते। रास्ते में वृक्ष, गड्‌ढे आदि हो तो उन्हें चलने में काफी परेशानी होती है।  फिर दिमाग में कुछ ऐसा करने का सोचा। फिर उन्होंने ग्लब पर काम करना शुरू किया। 5500 कीमत से ऐसा गल्व तैयार किया जो जिसमें कैमरा, बटन, आडियो सिस्टम आदि डिवाइस लगे हैं। इसे 350 नेत्रहीन लोगों पर टेस्ट किया।
 
रूपम के अनुसार कि ग्लब पहनने के बाद अंधे व्यक्ति को बिना ब्रेल लिपि के शब्द पढ़कर सुनना है तो वे इंडेक्स फिंगर के बटन को पुश करेंगे तो कैमरा उस शब्द का फोटो खींचेगा। यह ऑडियो में कर्न्वट करेगा। ऑडियो में कर्न्वट करने के बाद आवाज सुन कर उसे अंधा व्यक्ति पढ़ सकता है। इसी तरह चलते वक्त बटन को पुश करने पर राइड व लेफ्ट साइट में वाइब्रेशन कर रोड की स्थिति आदि का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है।
 
ग्लब में स्मार्ट फोन के लिए ऐसा सॉफ्टवेयर फीड किया गया जिसे कमांड देने के बाद कॉल करने और नंबर डालने के लिए काम करता है। इसे मोबाइल से कनेक्ट कर स्मार्ट फोन को ऑपरेट किया जा सकता है। इस आइडिया को दुनिया में पसंद किया गया। इस इनोवेशन के लिए अन्य पुरस्कार मिल चुका है। इसमें याहू अकनेचर इनोवेशन अवार्ड शामिल है। इस इनोवेशन को रूपम ने पेंटेट कराने के बाद इसके कॉस्ट को कम करने पर काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में अब एक ग्लब की कीमत 2800 रुपए है।
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