फरीदाबाद. फरीदाबाद शहरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट न मिलने से नाराज भाजपा नेता धनेश अधलखा ने अब पार्टी से किनारा कर लिया है। वे शनिवार को निर्दलीय कैंडीडेट के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे। यह भाजपा को दूसरा बड़ा झटका है। इसके पहले भाजपा की टिकट पर फरीदाबाद शहरी सीट से 2009 का चुनाव लड़ चुके प्रवेश मेहता इस बार टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ चुके हैं। धनेश अधलखा का पार्टी छोड़ना भाजपा को तगड़ा झटका है। अधलखा दो बार पार्षद रहने के साथ ही इस समय हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के वाइस चेयरमैन हैं। वे भाजपा से कई सालों से जुड़कर संगठन के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा वे आरएसएस से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। इस बार उन्होंने फरीदाबाद शहरी सीट से टिकट के लिए अपनी प्रबल दावेदारी जताई थी। इसके अलावा यहां से भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गौड़ ने भी टिकट की मांग की थी। लेकिन पार्टी ने यहां से वैश्य समाज के विपुल गोयल को टिकट दिया है।
गोयल आज तक भाजपा के प्राथमिक सदस्य तक नहीं हैं। टिकट दिलाने में उनकी पैरवी और सिफारिश केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर की मानी जा रही है। इसलिए गोयल को टिकट दे दी गई। उन्हें टिकट मिलने के बाद भाजपा में बगावत के सुर मुखर हो गए। सबसे पहले प्रवेश मेहता ने भाजपा को छोड़ा। मेहता अब इनेलो की टिकट पर फरीदाबाद शहरी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मेहता के पार्टी छोड़ने से भाजपा का गणित बिगड़ गया था। भाजपा डैमेज कंट्रोल को मैनेज करने में लगी ही थी कि उसके बाद अब धनेश अधलखा ने भाजपा छोड़ दिया। धनेश अधलखा की सेक्टर-7, 8,9,10,11 और 15ए में अच्छी पकड़ है। यही कारण है कि इस क्षेत्र से वे दो बार पार्षद रह चुके हैं। इस समय उनकी मां इसी क्षेत्र से निगम पार्षद हैं।
फरीदाबाद शहरी सीट से चाहते थे टिकट
धनेश अधलखा के अनुसार उन्होंने इस बार फरीदाबाद शहरी सीट से भाजपा की टिकट मांगी थी। लेकिन उन्हें टिकट न देकर ऐसे शख्स को टिकट दी गई जिसका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा का गलत निर्णय है। ऐसे में वे अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। शनिवार को वह नामांकन दाखिल करेंगे।
धनेश अधलखा काे मनाया जाएगा: गौड़
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय गौड़ से जब धनेश अधलखा की नाराजगी और शनिवार को निर्दलीय कैंडीडेट के रूप में नामांकन भरने के बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें मनाया जाएगा। साथ ही उनसे अपना निर्णय बदलने के बारे में कहा जाएगा।