बल्लभगढ़। गांधी भवन के समीप नगर निगम सभागार की आधारशिला को रखे पांच वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक यहां एक ईंट भी नहीं लगी है। पांच साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष है। शहर के लोगों के लिए कहीं कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हो सकें। विधानसभा चुनाव में लोग इसे चुनावी मुद्दा बना कर उठाएंगे।
2009 में रखी गई आधारशिला
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 21 फरवरी 2009 को गांधी भवन के पास एक सभागार बनाने के लिए आधारशिला रखी थी। किंतु आधारशिला रखे जाने को पांच साल से ज्यादा हो चुका है। अभी तक यहां एक ईंट नहीं लगी है। किसी को यह पता नहीं है कि यह सभागार बनेगा भी या नहीं। इसे बनाने के लिए न किसी अधिकारी ने कोई ध्यान दिया और न किसी जनप्रतिनिधि ने। जबकि शहर के लोगों को ऐसे सभागार की बड़ी आवश्यकता है।
नहीं है कोई आयोजन स्थल
बल्लभगढ़ में सामाजिक व शादी समारोह आयोजित करने के लिए गांधी भवन और सीही गेट पर सामुदायिक भवन था। भूमि विवाद के चलते सामुदायिक भवन को लोगों ने तोड़ दिया। गांधी भवन की जर्जर हालत है। स्थानीय निवासी मुकेश, राजीव व अशोक का कहना है कि लोगों के लिए यह समस्या बनी हुई है कि वे अपने कार्यक्रमों का आयोजन कहां करें। इस बात की किसी भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि को सुध नहीं है।
नगर निगम सभागार का निर्माण कार्य जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण लटका हुआ है। अब विधानसभा चुनाव आ चुके हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से पूछा जाएगा कि आखिर उन्होंने सभागार निर्माण की तरफ क्यों ध्यान नहीं दिया। इसकी अभी तक सुध क्यों नहीं ली गई।
क्या कहते अधिकारी
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम का कहना है कि सभागार के निर्माण का काम आवंटित किया जा चुका है। सात करोड़ रुपए की लागत से नगर निगम सभागार का निर्माण किया जाएगा। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।