काफी समय से कर रहे इंतजार: रेलवे लाइन पर सेक्टर-59 व 61 के बीच करीब 39 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे मलेरना रेलवे ओवर ब्रिज के लिए शहर के लोग लगभग 6 साल से इंतजार कर रहे हैं। 2008 में रेलवे ओवर ब्रिज का काम शुरू हुआ था और उसके बाद बार-बार यह अपनी डैडलाइन मिस करता रहा।
अब तक इस प्रोजेक्ट की 8 बार डैडलाइन मिस हो चुकी हैं। आरओबी का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुछ काम शेष बचा है। अधिकारियों को उम्मीद थी कि 15 दिसंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा। इसलिए पहले 14 दिसंबर को सीएम द्वारा इसका उद्घाटन करने का प्लान तैयार किया गया, लेिकन काम पूरा न होने से उद्घाटन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
बाइपास रोड की है लाइफ लाइन
सेक्टर 59 -61 के पास बनाए जा रहे मलेरना रेलवे ओवर ब्रिज का काम वर्ष 2008 में शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट पर हुडा और रेलवे मिलकर काम कर रहे हैं। करीब 800 मीटर लम्बे इस ब्रिज के निर्माण में 39 करोड़ रुपया खर्च किए जा रहा है। पुल के दोनों तरफ के हिस्सों का निर्माण हुडा ने किया है।
जबकि रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरने वाले हिस्से का निर्माण रेलवे आगरा डिवीजन द्वारा किया गया है। मलेरना रेलवे ओवर ब्रिज बाइपास रोड के लिए काफी महत्वपूर्ण है। दरअसल जब तक ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक बाइपास रोड नेशनल हाइवे से कनेक्ट नहीं हो सकता। दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर से सेक्टर-59 तक जाने वाली बाइपास सिक्स लेन से इस ओवरब्रिज को जोड़ा जाएगा। रेलवे ओवर ब्रिज के बनने के बाद दिल्ली से आगरा की ओर जाने वाले लोगों को फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या को नहीं झेलना पड़ेगा।
क्या कहते हैं हुडा के अधिकारी
हुडा के कार्यकारी अभियंता सतपाल सिंह दहिया का कहना है कि अभी पुल पूरी तरह से तैयार नहीं है। छोटी-छोटी कमियां रही गई हैं। इस कारण सीएम ने इसके उद्घाटन कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया है। इन कमियों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। नए साल में मलेरना आरओबी का लाभ लोगों को मिलने लगेगा।