फरीदाबाद। तिलपत रेंज में एयरफोर्स की जमीन पर अवैध खनन की शिकायत करना एक युवक को काफी भारी पड़ गया। पीडि़त को खनन माफिया घर से उठाकर ले गए और मारपीट की। आरोप यह भी है कि पीडि़त की पत्नी व साली के साथ छेडख़ानी भी की गई। इस मामले में अहम बात यह है कि पुलिस ने पीडि़त पर ही दबाव बनाया। उधर पुलिस ने आरोप बेबुनियाद बताए हैं।
क्या है मामला
विनय नगर, सराय ख्वाजा में रहने वाले अशोक कुमार ने बताया कि वह दिल्ली में टाइपिंग सेंटर चलाते हैं। उन्होंने 2013 में एयरफोर्स के तहत आने वाली तिलपत रेंज में रेती खनन की शिकायत राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल में भेजा था। इसके बाद उन्होंने कई बार और शिकायतें की थीं। 26 सितंबर को उन्होंने नवीन नगर पुलिस चौकी में जाकर शिकायत दी कि तिलपत रेंज में फिर से अवैध खनन हो रहा है। चौकी में पुलिस ने चुनाव का बहाना बनाकर हाथ खड़े कर लिए और उसे चुप रहने की हिदायत दी। इसके बावजूद वह नहीं माने। उन्होंने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल में कर दी। इसके बाद 28 सितंबर की सुबह जब वह उठे तो उन पर उसके पड़ोस में रहने वाले 5 लोगों ने हमला बोल दिया। उनके हाथ-पैर बांध कर तिलपत रेंज के जंगल में ले गए। वहां उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें दोबारा घर पर लेकर आए। वहां पत्नी सुमन व साली उसे बचाने आई तो हमलावर उन दोनों पर टूट पड़े और छेडख़ानी करने लगे। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर फोन किया। नवीन नगर पुलिस चौकी से एक पुलिसकर्मी उनके घर आया। उसने उन्हें बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। अशोक कुमार का आरोप है कि जब वह शिकायत देने थाने गए तो वहां पुलिस वाले ही उनके साथ बदतमीजी करने लगे। उनके बयान में गोलमाल किया जाने लगा। छेडख़ानी का आरोप गलत बताया गया। उन्होंने पुलिस द्वारा तैयार किए गए बयान पर साइन करने से मना कर दिया। थाने के प्रभारी ने उन्हें कोई रिस्पांस नहीं दिया। उनकी हालत खराब होने के चलते उन्हें दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। अब उन्हें व उनके परिवार की जान को खतरा बना हुआ है। पुलिसकर्मी माफियाओं का साथ दे रहे हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।