(पीड़ित महिला)
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में एक कुत्ता नवजात के शव को उठा ले गया। परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। कुत्ते का पीछा करने पर वह शव को पार्क में छोड़कर भाग गया। इस घटना ने फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। इससे पहले भी अस्पताल में ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं।
क्या है मामला : हथीन निवासी शमशेर अपनी पत्नी प्रेमलता को प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उसे फरीदाबाद के बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। बुधवार को प्रेमलता का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने एक मृत बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने शिशु को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। प्रेमलता को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। शमशेर के अनुसार वे बच्ची के शव को लेकर इमरजेंसी गेट के पास आ गए। शमशेर व उसके भाई हथीन जाने के लिए वाहन का इंतजाम करने के लिए अस्पताल के बाहर चले गए।
उनकी माता व दो वर्षीय बेटी वहीं बैठ गए। शमशेर के अनुसार उनकी बेटी ने पीने के लिए पानी मांगा। इसलिए उनकी मां ने बच्ची के शव वहीं कोने पर जमीन पर रख दिया। वे वाटर कूलर के पास बच्ची को पानी पिलाने चली गईं। इसी बीच एक आवारा कुत्ता कपड़े लिपटे बच्ची के शव को मुंह में दबाकर भागने लगा। वह वापस आई तो उन्हें वहां बच्ची नहीं मिली। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुत्ता शव को लेकर अस्पताल के पार्क में ले गया। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। लोगों ने कुत्ते का पीछा किया और शव को उसके जबड़े से छुड़ाया। घटना की सूचना मिलते ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बच्चे को लेकर इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। बच्ची के परिजन भी वहां पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन ने शिशु को परिजनों को सौंप दिया।
पहला मामला नहीं
अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कितना गंभीर है यह घटना उसी का सबूत है। अस्पताल में यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल भी एक आवारा कुत्ता वार्ड के बाहर से नवजात का शव ले भागा था। उस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से बड़े वादे किए गए थे। लेकिन इस घटना ने उन इंतजामों की पोल खोल दी। अस्पताल में आवारा कुत्ते घूमते-फिरते हमेशा देखे जाते हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं जाता।
क्या बोले पीएमओ : अस्पताल के पीएमओ डा. सुरेश चंद्र ने इस मामले में कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली है। इसमें पता चला है कि डाक्टर ने शव को परिजनों को कपड़े में लपेट कर सुपुर्द कर दिया था। परिजन कपड़े लिपटे शव को अस्पताल परिसर में लावारिस अवस्था में छोड़कर चले गए। इससे यह घटना हुई। उन्होंने माना कि अस्पताल में कुत्तों का घूमना गलत है। इसे लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।